
Yajur Fibres IPO Listing: यजूर फाइबर्स फ्लैक्स, जूट और हेम्प जैसे रेशों की प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग के काम में है। अब आज इसके शेयरों की BSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और खुदरा निवेशकों के दम पर ओवरऑल 1.33 गुना भरा था। आईपीओ के तहत ₹174 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE SME पर इसकी ₹139.20 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर उनकी पूंजी ही 20% घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹132.25 (Yajur Fibres Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 23.99% घाटे में हैं। चूंकि लॉट साइज 800 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹33400 के घाटे में आ गए।
Yajur Fibres IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
यजूर फाइबर्स का ₹120 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 1.33 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 1.03 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.91 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.51 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹10 की फेस वैल्यू वाले 69.20 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.93 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में शेड बनाने और डाईंग और ब्लीचिंग प्रोसेसिंग मशीनरी की खरीदारी और प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, ₹48.00 करोड़ सब्सिडरी यशोदा लिनेन यार्न में एक ग्रीनफील्ड यूनिट लगाने के लिए निवेश, ₹36.00 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Yajur Fibres के बारे में
वर्ष 1980 में बनी यजूर फाइबर्स फ्लैक्स, जूट और हेम्प जैसे रेशों की प्रोसेसिंग और मैन्युफैक्चरिंग के काम में है। इसकी हर महीने 300 टन से अधिक की उत्पादन क्षमता है। इसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी पश्चिम बंगाल के जूट हब में है जो हावड़ा के उलबेरिया के फुलेश्वर के जगन्नाथपुर में है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में फ्लैक्स यार्न, जूट यार्न, कॉटनाइज्ड फ्लैक्स फाइबर, कॉटनाइज्ड जूट फाइबर और कॉटनाइज्ड हेम्प फाइबर हैं
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹3.55 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.27 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹11.68 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना 51% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹141.99 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-नवंबर 2025 में कंपनी को ₹7.12 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹69.99 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। नवंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹73.59 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹40.56 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।