
White Goods Sector: दूसरी तिमाही में व्हाइट गुड्स कंपनियों के नतीजे कमजोर रहे हैं। हालांकि सभी कंपनियों ने आउटलुक पॉजिटिव दिया है। यहीं वजह रही कि शुक्रवार को व्हाइट गुड्स के शेयरों में निचले स्तर से शानदार रिकवरी देखने को मिली। दरअसल, दूसरी तिमाही में व्हाइट गुड्स कंपनियों के मार्जिन में दबाव देखने को मिला। लेकिन कंपनियों की कमेंट्री ने शेयरों में जोश भरा।
बता दें कि जुलाई -सितंबर 2025 तिमाही में वोल्टास का मार्जिन वित्त वर्ष 2025 के दूसरी तिमाही के 6.2 फीसदी से घटकर 3 फीसदी पर आ गया है।वहीं LG इलेक्ट्रॉनिक्स का मार्जिन वित्त वर्ष 2025 के दूसरी तिमाही के 12.4 फीसदी से गिरकर 8.9 फीसदी पर आया है। इसी तरह दूसरी तिमाही में PG इलेक्ट्रोप्लास्ट के मार्जिन में दबाव देखने को मिला है और यह वित्त वर्ष 2025 के दूसरी तिमाही के 8.3 फीसदी से गिरकर 4.6 फीसदी पर आ गया है।
व्हाइट गुड्स की सुस्त ग्रोथ क्यों?
नए GST रेट से डिमांड घटी है। GST रिफॉर्म से खरीदारी में देरी हुई है जिसके कारण चैनल इन्वेंट्री एजस्टमेंट देखने को मिला। कम गर्मी से मांग पर भी असर पड़ा है। कंपनी के ग्रोथ में सुस्ती का कारण जियोपॉलिटिकल दिक्कतें भी रही है। फॉरेक्स में उतार-चढ़ाव और महंगी कमोडिटी से लागत बढ़ने के कारण भी कंपनी के ग्रोथ में सुस्ती नजर आई है।
हालांकि कंपनी ने अपने आगे के आउटलुक में कहा है कि Q2 में ग्लोबल दिक्कतें ज्यादा रही है लेकिन कंपनी के फंडामेंटल मजबूत है। आने वाली तिमाहियों में डिमांड सुधरेगी। GST कट, BEE नियमों से बिक्री बढ़ेगी।
LG Electronics का आउटलुक
LG Electronics का नेट प्रॉफिट 27.3% गिरकर ₹389 करोड़ रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹536 करोड़ था। कंपनी ने कहा कि GST दरों में हालिया कटौती के कारण उपभोक्ताओं ने इलेक्ट्रॉनिक और घरेलू सामान की खरीद को कुछ समय के लिए टाल दिया, जिससे बिक्री पर असर पड़ा और मुनाफा घटा। LG Electronics का ऑपरेशंस से मुनाफा सितंबर तिमाही में 1% बढ़कर ₹6,174 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹6,113.8 करोड़ था। हालांकि, कंपनी का EBITDA 28% घटकर ₹547.5 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹757.4 करोड़ था।
हालांकि कंपनी ने अपने आउटलुक में कहा कि आगे बिक्री में सुधार की उम्मीद है। GST कट, फेस्टिव मांग से बूस्ट संभव है। स्ट्रैटेजिक निवेश पर फोकस बरकरार है।
PG इलेक्ट्रोप्लास्ट का आउटलुक
सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 85.7% गिरकर ₹2.8 करोड़ और रेवेन्यू 2.4% फिसलकर ₹655.4 करोड़ पर आ गया।
कंपनी ने अपने गाइडेंस में कहा कि सेल्स 17-19% बढ़कर 5700-5800 करोड़ रुपये संभव है। मुनाफा 3-7% बढ़कर 300-310 करोड़ रुपये संभव है। पूरे साल में `700-750 करोड़ रुपये का निवेश होगा।
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