
होम और फर्निशिंग कंपनी वेकफिट इनोवेशंस के शेयरों की 15 दिसंबर को लिस्टिंग निराश करने वाली रही। शेयर BSE पर 0.46 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 194.10 रुपये और NSE पर IPO प्राइस 195 रुपये पर लिस्ट हुआ। कंपनी का 1,288.89 करोड़ रुपये का IPO 2.52 गुना सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ था।
वेकफिट को साल 2016 में शुरू किया गया था। इसके पास गद्दे, फर्नीचर और फर्निशिंग की एक बड़ी रेंज है। इन्हें यह अपनी वेबसाइट और COCO स्टोर्स के साथ-साथ बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, मल्टी-ब्रांडेड आउटलेट जैसे अलग-अलग मार्केटप्लेस के जरिए बेचती है। वेकफिट की 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी हैं। इनमें से 2 कर्नाटक के बेंगलुरु में, 2 तमिलनाडु के होसुर में और एक हरियाणा के सोनीपत में है। कंपनी के प्रमोटर अंकित गर्ग और चैतन्य रामलिंगगौड़ा हैं। वेकफिट ने IPO से पहले एंकर इनवेस्टर्स से 580 करोड़ रुपये जुटाए।
Wakefit IPO के पैसों का कैसे होगा इस्तेमाल
वेकफिट अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों में से 31 करोड़ रुपये का इस्तेमाल 117 नए COCO रेगुलर स्टोर बनाने में करेगी। 15.4 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नए इक्विपमेंट और मशीनरी खरीदने में किया जाएगा। 161.4 करोड़ रुपये मौजूदा स्टोर के लीज, सब-लीज रेंट और लाइसेंस फीस के पेमेंट के लिए खर्च होंगे। इसके अलावा 108.4 करोड़ रुपये मार्केटिंग और एडवरटाइजमेंट पर खर्च होंगे। बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए रहेंगे।
कंपनी की वित्तीय सेहत
वेकफिट ने अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान ऑपरेशंस से 724 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया। मुनाफा 35.5 करोड़ रुपये रहा। IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, IIFL कैपिटल सर्विसेज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, बुक-रनिंग लीड मैनेजर हैं।
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