
टेलिकॉम कंपनी वोडाफोन आइडिया के शेयरों में 1 जनवरी 2026 को दिन में 9 प्रतिशत तक की तेजी आई। BSE पर कीमत 11.75 रुपये के हाई तक गई। कंपनी का मार्केट कैप 1.27 लाख करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी ने वोडाफोन ग्रुप के साथ एक समझौता किया है। इसके तहत कंपनी को वोडाफोन से 5836 करोड़ रुपये मिलेंगे।
एक दिन पहले एजीआर बकाए पर सरकार से मिली थी राहत
एक दिन पहले सरकार ने वोडाफोन-आइडिया के लिए एक बड़े राहत पैकेज को मंजूरी दी। इसके तहत कंपनी को बकाया एजीआर भुगतान से 5 साल की मोहलत दी गई है। सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वोडाफोन-आइडिया लिमिटेड के 87,695 करोड़ रुपये के एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाया फ्रीज करने पर सहमति जताई है। संकटग्रस्त कंपनी को अब इसे वित्त वर्ष 2031-32 से 2040-41 तक चुकाना होगा। वहीं वित्त वर्ष 2017-18 और वित्त वर्ष 2018-19 से संबंधित एजीआर बकाया वोडाफोन-आइडिया को वित्त वर्ष 2025-26 से वित्त वर्ष 2030-31 के दौरान बिना किसी बदलाव के देना होगा।
एजीआर बकाया यानि एजीआर के आधार पर टेलिकॉम कंपनियों द्वारा सरकार को देय भुगतान। यह वह रेवेन्यू है, जिस पर टेलिकॉम ऑपरेटर्स को लाइसेंस फीस और स्पेक्ट्रम यूजेज चार्जेस का भुगतान करना होता है। इसमें सभी रेवेन्यू शामिल हैं, यहां तक कि गैर-दूरसंचार आय (जैसे ब्याज, किराया, एसेट बिक्री) भी। वोडाफोन आइडिया में सरकार के पास अब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
Vodafone Idea का शेयर 3 महीनों में 40 प्रतिशत चढ़ा
Vodafone Idea का शेयर 6 महीनों में लगभग 60 प्रतिशत और 3 महीनों में लगभग 40 प्रतिशत मजबूत हुआ है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 25.57 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ICICI Securities ने शेयर के लिए ‘होल्ड’ रेटिंग के साथ 10 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस दिया है। Citi ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखते हुए 10 रुपये का टारगेट दिया है।
सितंबर तिमाही में घाटे में आई गिरावट
वोडाफोन आइडिया का जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में कंसोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर कम होकर 5524 करोड़ रुपये रह गया। एक साल पहले कंपनी 7175.9 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़कर 11195 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2024 तिमाही में 10932.2 करोड़ रुपये था।