
वोडाफोन आइडिया ने नए इक्विटी इनफ्यूजन से इनकार किया है। कंपनी के सीईओ अभिजीत किशोर ने इस बारे में बताया। उन्होंने कहा कि कंपनी को फंड जुटाने के मौजूदा प्लान पर भरोसा है। इसमें बैंक लोन और प्रमोटर का सपोर्ट शामिल है। कंपनी को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) के मामले में राहत मिली है। बैंक लोन और प्रमोटर का सपोर्ट तीन सालों में कंपनी को मुनाफे में लाने के लिए पर्याप्त है। उन्होंने यह भी कहा कि कंपनी 87,695 करोड़ रुपये के एजीआर बकाया के रीएसेसमेंट के नतीजों का इंतजार कर रही है।
तीन सालों में 45000 करोड़ खर्च करने का प्लान
इनवेस्टर्स के सवालों के जवाब में किशोर ने कहा कि कंपनी ने अगले तीन सालों में 45,000 करोड़ रुपये की पूंजी खर्च करने का प्लान बनाया है। इसके लिए बैंक से उसे 25,000 करोड़ रुपये का लोन मिलेगा। 10,000 करोड़ रुपये वह नॉन-फंडेड फैसिलिटीज से जुटाएगी। उन्होंने कहा कि सालाना करीब 9,200 करोड़ रुपये के EBITDA के साथ कंपनी का डेट और एबिड्टा रेशियो करीब 2.5 गुना है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस वाले बिजनेस के लिए यह मैनेजेबल है।
दोनों प्रमोटर्स वोडाफोन आइडिया को लेकर प्रतिबद्ध
उन्होंने कहा कि हम इस वक्त इक्विटी से पैसे जुटाने के बारे में नहीं सोच रहे हैं। उन्होंने कहा, “दो साल बाद हम देखेंगे कि स्थिति कैसी है। लेकिन, आज हमारा मानना है कि हमने जो प्लान बनाया है, उससे हिसाब से हमारे पास पर्याप्त पैसा है।” उन्होंने कहा कि दोनों प्रमोटर्स प्रतिबद्ध हैं और बिजनेस से जुड़े हैं। वोडाफोन आइडिया पर कर्ज के बोझ और आगे आने वाली लायबिलिटीज को देखते हुए यह चर्चा थी कि कंपनी इक्विटी से पैसे जुटा सकती है या किसी स्ट्रेटेजिक इनवेस्टर को मदद ले सकती है।
एजीआर मसले पर राहत मिलने से बढ़ा आत्मविश्वास
एजीआर मामले में राहत मिलने से कंपनी का आत्मविश्वास बढ़ा है। एजीआर में राहत से कंपनी पर 31 दिसंबर, 2025 को 87,695 करोड़ रुपये का बकाया फ्रिज हो गया है। कंपनी को इसका पेमेंट करने के लिए अब 10 साल का समय मिल गया है। साथ ही FY07 से FY19 के पीरियड के लिए एजीआर का रीएसेसमेंट चल रहा है। किशोर ने कहा कि रीएसेसमेंट शुरू हो गया है और उत्साहजनक रफ्तार से बढ़ रहा है।
28 जनवरी को शेयर 2 फीसदी से ज्यादा उछले
किशोर ने हालांकि, यह बताने से इनकार कर दिया कि रीएसेसमेंट मामले में कब तक राहत मिलेगी और कितनी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा, “हमारे पास सभी सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स हैं और हम कई स्तरों पर इससे जुड़े हैं।” कंपनी के चीफ फाइनेंशियल अफसर तेजस मेहता ने कहा कि बैलेंसशीट में करीब 80,000 करोड़ एजीआर बकाया की पहचान हो चुकी है और बाकी को फ्रिज किए गए अमाउंट के साथ कंटिंजेंट लायबिलिटी घोषित किया गया है। वोडाफोन आइडिया का शेयर 28 जनवरी को 2.34 फीसदी चढ़कर 10.06 रुपये पर बंद हुआ।