
VIP Industries Shares: वीआईपी इंडस्ट्रीज के शेयरों में बुधवार 24 दिसंबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयर शुरुआती कारोबार में 7 प्रतिशत से अधिक उछलकर 393.50 रुपये तक पहुंच गए। यह तेजी कंपनी के शेयरों में एक बड़ी ब्लॉक डील के बाद आई। इस ब्लॉक डील में कंपनी के कुल करीब 3.7 करोड़ शेयरों का लेनदेन हुआ, जो कंपनी की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर है। हालांकि आज की तेजी के बावजूद, VIP इंडस्ट्रीज के शेयर साल 2025 में अब तक करीब 19 प्रतिशत टूट चुके हैं।
ब्लॉक डील में शामिल खरीदार और शेयर बेचने वालों के नाम तुरंत सामने नहीं आ पाए। हालांकि मार्केट जानकारों का कहना है कि यह डील कंपनी के ओनरशिप स्ट्रक्चर में जारी बदलाव का हिस्सा हो सकता है। इसके तहत कंपनी के प्रमोटर ने हाल ही में कई ब्लॉक डील के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेची है।
इसके अलावा आज की इस ब्लॉक डील का साइज, मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी और उसके पार्टनर्स की अगुआई वाले कंसोर्टियम की ओर से घोषित ओपन-ऑफर के साइज से मिलता-जुलता है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी में हिस्सेदारी को लेकर रीबैलेंस की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
हाल के महीनों में लगातार बिकवाली और खरीदारी
VIP इंडस्ट्रीज में हाल के महीनों में प्रमोटर हिस्सेदारी को लेकर कई अहम सौदे हो चुके हैं। सितंबर में प्रमोटर्स ने एक ब्लॉक डील के जरिए 6.2 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब ₹343 करोड़ में बेची थी। इस सौदे में पीरामल विभूति इनवेस्टमेंट्स और किडी प्लास्ट ने करीब 88.4 लाख शेयर औसतन ₹388.20 प्रति शेयर की कीमत पर बेचे थे।
इसी सौदे में मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी ने ₹233 करोड़ में करीब 60 लाख शेयर खरीदे थे, जबकि संविभाग सिक्योरिटीज ने ₹86 करोड़ में 22 लाख शेयर हासिल किए थे।
जुलाई में हुआ था सबसे बड़ा सौदा
ये ट्रांजैक्शन जुलाई में एक बड़ी डील के बाद हुए, जब मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी फंड IV, मल्टीपल्स प्राइवेट इक्विटी गिफ्ट फंड IV, संविभाग सिक्योरिटीज ने मिथुन और सिद्धार्थ सचेती के साथ मिलकर प्रमोटर्स के एक ग्रुप से VIP इंडस्ट्रीज में 32 परसेंट हिस्सेदारी खरीदी थी। उस समय, प्रमोटर दिलीप पीरामल ने 32% कंट्रोलिंग हिस्सा बेच दिया था, और लगभग 20% माइनॉरिटी शेयरहोल्डर के तौर पर अपने पास रखा था।
26% के ओपन ऑफर का भी हुआ था ऐलान
इन अधिग्रहणों के बाद निवेशक समूह ने नियमों के तहत अतिरिक्त 26 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए ₹388 प्रति शेयर के भाव पर अनिवार्य ओपन ऑफर भी घोषित किया था। इस ओपन ऑफर की अनुमानित लागत करीब ₹1,437 करोड़ थी, जबकि कुल मिलाकर 58 प्रतिशत हिस्सेदारी के इस ट्रांजैक्शन की वैल्यू करीब ₹3,200 करोड़ आंकी गई थी।
डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।