
Victory Electric Vehicles IPO Listing: इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और कॉमर्शियल वेईकल्स बनाने वाली विक्ट्री इलेक्ट्रिक वेईकल्स (Victory EV) के शेयरों की आज NSE SME पर भारी डिस्काउंट के साथ एंट्री हुई। इसके आईपीओ को भी निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और किसी भी कैटेगरी का आरक्षित हिस्सा पूरा भर नहीं पाया था। आईपीओ के तहत ₹41 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹34.45 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को कोई लिस्टिंग गेन नहीं मिला बल्कि लिस्टिंग पर उनकी पूंजी ही 15.98% घट गई। आईपीओ निवेशकों को और झटका तब लगा, जब शेयर और नीचे आए। टूटकर यह ₹32.75 (Victory Electric Vehicles Share Price) के लोअर सर्किट पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 20.12% घाटे में हैं।
Victory Electric Vehicles IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च
विक्ट्री इलेक्ट्रिक वेईकल्स का ₹35 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 7-9 जनवरी तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का खास रिस्पांस नहीं मिला था और ओवरऑल यह 0.95 गुना ही सब्सक्राइब हो पाया। इस नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 0.91 गुना और खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित आधा हिस्सा 0.99 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत ₹5 की फेस वैल्यू वाले 84.30 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹5 करोड़ कैपिटल एक्सपेंडिचर, ₹18 करोड़ वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
Victory Electric Vehicles के बारे में
अक्टूबर 2018 में बनी विक्ट्री इलेक्ट्रिक वेईकल्स इंटरनेशनल लिमिटेड इलेक्ट्रिक गाड़ियों के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन के काम में है। इसके पोर्टफोलियो में इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और कॉमर्शियल वेईकल्स हैं। यह ई–रिक्शा, ई-कार्गो/लोडर ई-रिक्शा, स्कूटर्स इत्यादि बनाती है। इसके प्रोडक्ट्स की बिक्री सिर्फ भारत ही नहीं, देश के बाहर भी होती है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹79 लाख का शुद्ध मुनाफा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹4.89 करोड़ और वित्त वर्ष 2025 में ₹5.17 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम में उठा-पटक दिखी जोकि वित्त वर्ष 2023 में ₹52.14 करोड़ और वित्त वर्ष 2024 में ₹48.76 करोड़ से वित्त वर्ष 2025 में ₹51.06 करोड़ पर आ गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹1.62 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹16.90 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। सितंबर 2025 के आखिरी में कंपनी पर ₹4.85 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹8.67 करोड़ पड़े थे।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।