
अनिल अग्रवाल की माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 14 जनवरी को तेजी है। BSE पर शेयर बढ़त में खुलने के बाद लगभग 3.5 प्रतिशत चढ़कर ₹659.55 के हाई तक गया। यह शेयर का 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर है। शेयर में तेजी की एक वजह यह है कि इसे ब्रोकरेज फर्म नुवामा से अपना सबसे हाई टारगेट मिला है। नुवामा ने वेदांता पर अपनी “बाय” रेटिंग बरकरार रखते हुए प्राइस टारगेट को पहले के ₹686 से 18% बढ़ाकर ₹806 कर दिया है। वेदांता के शेयर को 14 एनालिस्ट कवर करते हैं और सबसे हाई टारगेट नुवामा का है।
नया टारगेट प्राइस शेयर के पिछले बंद भाव से 26 प्रतिशत ज्यादा है। नुवामा ने अपने नोट में लिखा है कि वेदांता 5 अलग-अलग एंटिटीज में डीमर्जर के लिए कानूनी मंजूरी पाने के आखिरी चरण में है। इससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी। कमोडिटी की मजबूत कीमतें, लागत में कमी, और वॉल्यूम ग्रोथ से निवेशकों के निवेश का नजरिया और मजबूत होता है। NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल) की मुंबई बेंच ने वेदांता के डीमर्जर को 9 जनवरी 2026 को मंजूरी दे दी।
ब्रोकरेज ने वेदांता के लिए वित्त वर्ष 2027 के लिए EBITDA अनुमान को 17% और वित्त वर्ष 2028 के लिए 8% बढ़ा दिया है। नुवामा के नोट में कहा गया है कि कमोडिटी की ऊंची कीमतें वेदांता के EBITDA को वित्त वर्ष 2025-2028 के दौरान 20% की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने में मदद करेंगी।
Vedanta का शेयर एक साल में 50 प्रतिशत मजबूत
वेदांता का मार्केट कैप ₹2.57 लाख करोड़ से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। शेयर एक साल में 50 प्रतिशत और एक महीने में 20% से ज्यादा मजबूत हुआ है। 2 साल में कीमत 140% चढ़ी है। कंपनी में सितंबर 2025 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 56.38 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। शेयर को ट्रैक करने वाले 14 एनालिस्ट में से 10 ने “बाय” रेटिंग दी है। बाकी 4 ने “होल्ड” की सिफारिश की है।