
अमेरिकी शेयर बाजारों में 20 फरवरी को उछाल आया। इसकी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने का अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला था। अल्फाबेट, एमेजॉन सहित दिग्गज अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने 20 फरवरी को ट्रंप के टैरिफ पर अपना फैसला सुनाया। अब नजरें भारतीय बाजारों पर लगी हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के ट्रंप टैरिफ को रद्द करने के फैसले का असर सोमवार यानी 23 फरवरी को भारतीय बाजारों पर देखने को मिलेगा। इनवेस्टर्स यह जानना चाहते हैं कि ट्रंप टैरिफ रद्द होने से भारतीय बाजारों में उछाल दिखेगा या गिरावट आएगी?
ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बौखलाए ट्रंप ने दूसरे देशों पर नया 10 फीसदी टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने यह फैसला ट्रेड एक्ट, 1974 के सेक्शन 122 के तहत लिया है। यह टैरिफ 150 दिनों तक लागू रहेगा। इसकी अवधि बढ़ाने के लिए ट्रंप को अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। इनवेस्टर्स ने राहत की सांस ली है कि 10 फीसदी का नया टैरिफ पहले के मुकाबले काफी कम है। नॉर्थ कैरोलिना में हराइजन इनवेस्टमेंट्स के क्वांटिटेटिव स्ट्रेटेजीज के हेड ऑफ रिसर्च ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुछ अनिश्चितता खत्म हो गई है। हम अब अगले चरण में प्रवेश करने जा रहे हैं।
20 फरवरी को अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक S&P 500 0.69 फीसदी चढ़कर 6,909.51 प्वाइंट्स पर बंद हुआ। Nasdaq भी 0.90 फीसदी के उछाल के साथ 22,886.07 प्वाइंट्स पर क्लोज हुआ। Dow Jones Industrial Averages 0.47 फीसदी की तेजी के साथ 49,625.97 प्वाइंट्स पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 के 11 सेक्टर इंडेक्सेज में से 9 तेजी के साथ बंद हुए। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट में 3.7 फीसदी की तेजी दिखी। Amazon के शेयर 2.6 फीसदी उछल गए। Apple में 1.5 फीसदी का उछाल दिखा। यह इस बात का संकेत है कि अमेरिकी इनवेस्टर्स ने ट्रंप टैरिफ खत्म होने का स्वागत किया है। वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप टैरिफ खत्म होने से सोमवार यानी 23 फरवरी को इंडियन स्टॉक्स मार्केट्स में उछाल देखने को मिलेगा। खासकर अमेरिका को एक्सपोर्ट करने वाली भारतीय कंपनियों के शेयरों में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी। 20 फरवरी को गिफ्टी निफ्टी पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का असर पड़ा। यह निफ्टी 50 के मुकाबले करीब 200 प्वाइंट्स चढ़कर बंद हुआ। ट्रंप टैरिफ हटने से मार्केट पर कई तरह से पॉजिटिव असर पड़ेगा। पहला, अमेरिकी बाजार में फिर से भारतीय गुड्स की प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ जाएगी। दूसरा, रिन्यूएबल, फार्मा, ऑटोमोबाइल, लेदर, टेक्सटाइल्स सहित कई सेक्टर की कंपनियां अमेरिकी बाजार में अपना निर्यात बढ़ा सकेंगी।
भारत में टेक्सटाइल्स, जेम्स एंड ज्वेलरी, ऑटोमोबाइल ऐसे सेक्टर्स हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिला हुआ है। इन सेक्टर की कंपनियों का कोराबार बढ़ने का मतलब है कि नौकरियों के मौके बढ़ेंगे। अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ लागू होने से इन कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ा था। कई कंपनियां अपने एंपलॉयीज की संख्या घटाने को मजबूर हो गई थी। अब फिर से इन कंपनियों को हायरिंग करनी पड़ेगी। इससे इकोनॉमी में कंजमप्शन बढ़ेगा। इसका मार्केट के सेंटिमेंट पर भी पॉजिटिव असर पड़ेगा। काफी समय से इंडियन मार्केट्स सीमित दायरे में बने हुए है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इंडियन मार्केट्स नया ऑल-टाइम हाई बना सकते हैं।
23 फरवरी को कई भारतीय कंपनियों के शेयर रॉकेट बन सकते हैं। इनमें Goldian Intenational, Rajesh Exports, Titan, Kalyan Jewellers India, Sun Pharma, Cipla, Dr, Reddy’s, TCS, Infosys, HCL Tech, welsupn Living, Arvind Mills, Gokaldas Exports, Bharat Forge, Tata Motors जैसी कंपनियां शामिल हैं। इनवेस्टर्स को इन कंपनियों के शेयरों पर नजर रखने की जरूरत है। ये ऐसी कंपनियां हैं, जिनके कुल रेवेन्यू में अमेरिकी बाजार की काफी हिस्सेदारी है। अमेरिकी टैरिफ का असर भी इन कंपनियों पर ज्यादा पड़ा था।