
US India trade deal : ट्रेड डील के बाद CNBC-आवाज़ पर लगातार दिग्गजों का मेला लगा हुआ है। इस कड़ी में कमाई वाले सेक्टर्स और दमदार थीम्स पर खास बातचीत करते हुए 3P इन्वेस्टमेंट मैनेज्रस के CIO प्रशांत जैन, MOFSL के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल और जाने माने निवेशक विजय केडिया ने अपनी राय जाहिर की। US ट्रेड डील को MOFSL के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल मार्केट के लिए गेमचेंजर मान रहे हैं। CNBC-आवाज़ से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि भारत ने अमेरिका के साथ बड़ी टफ डील की है और मार्केट 2.0 शुरू हो सकता है। ट्रेड डील के बाद बाजार दिशा बदल गई है। इंडिया-US डील बड़ा गेमचेंजर साबित होगा। भारत ने अमेरिका के साथ टफ डील किया किया है। इससे एक्सपोर्ट में जोरदार उछाल की उम्मीद है। भारत सरकार ने अमेरिका से अच्छा नेगोशिएशन किया है। डील के बाद अब भारतीय बाजार का 2.0 दौर शुरू होगा। अब FIIs का पूरा नजरिया बदलने वाला है।
इंडिया यूएस ट्रेड डील पर MOODY’S की राय
MOODY’S का कहना है कि US टैरिफ कटौती भारतीय एक्सपोर्ट में जान भरेगी। यह जेम्स,ज्वेलरी और टेक्सटाइल सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। यह लेबर से जुड़े सेक्टर्स के लिए क्रेडिट पॉजिटिव है। टैरिफ घटने से भारतीय एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। US टैरिफ कटौती भारत के लिए पॉजिटिव है।
3P इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के CIO प्रशांत जैन की राय
3P इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स के CIO प्रशांत जैन का कहना है कि लार्जकैप में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। लार्जकैप शेयरों में धैर्य के साथ निवेशित रहें। फार्मा सेक्टर में कंपनियों की क्वालिटी बेहतर है। भारत के लिए फार्मा एक अच्छा सेक्टर है। हर PSU कंपनी का आउटलुक अलग है। PSUs इकोनॉमिक सेंसेटिव सेक्टर का हिस्सा हैं। मिडकैप, स्मॉलकैप में रिस्क रिवॉर्ड कमजोर है। लार्जकैप शेयरों में रिस्क रिवॉर्ड बेहतर है। अमेरिका के साथ हुई डील से कई सेक्टर्स को बड़ा फायदा हो सकता है। इससे ऑटो एंसिलियरी और केमिकल सेक्टर के लिए बड़ी राहत की उम्मीद है। ट्रेड डील से भारत का एक्सपोर्ट प्रभावित नहीं होगा। भारतीय बाजारों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं है। बाजार की चाल बढ़ने की ओर है, गिरने की ओर नहीं। फिलहाल FIIs का भारत पर अंडरवेट का नजरिया है।
केडिया सिक्योरिटीज के MD विजय केडिया की राय
जाने माने निवेशक और केडिया सिक्योरिटीज के MD विजय केडिया का कहना की अब बाजार में निवेश करने का बढ़िया मौका है। अब निराशा को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने का समय आया है। भारत में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करें। शेयर बाजार अब भी एक रेंज में कारोबार करेगा। कमजोरी पर निराश न हों, तेजी पर उत्साहित न हों। बाजार में फिर से निवेश करने का समय आ गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर शेयरों में निवेश के सही मौके हैं। बिना इंफ्रास्ट्रक्चर के भारत में ग्रोथ नहीं होगी। 10-12 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रखना है। कॉरपोरेट इंडिया में अर्निंग ही सबसे अहम है। दूसरों की तुलना में FIIs के लिए भारत अब सस्ता हो गया है।
डिस्क्लेमर:मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।