
TCS Q3 Results: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने बताया कि वह आगामी 12 जनवरी को मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेगी। इसके साथ ही शेयर मार्केट में इसी दिन से Q3 अर्निंग सीजन की भी शुरुआत हो जाएगी। TCS ने बुधवार 12 दिसंबर को शेयर बाजारों को भेजी एक सूचना में बताया कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की सोमवार 12 जनवरी 2026 को एक बैठक होगी।
इस बैठक में कंपनी वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के लिए दिसंबर तिमाही के अनऑडिटेड वित्तीय नतीजों को मंजूरी देगी। साथ ही, 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही और नौ महीने की अवधि के परिणामों पर भी विचार किया जाएगा।
तीसरे अंतरिम डिविडेंड पर भी फैसला
शेयर बादारों को दी गई जानकारी के मुताबिक, बोर्ड इस बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड के भुगतान पर भी फैसला लेगा। डिविडेंड के लिए योग्य शेयरधारकों की पहचान करने के उद्देश्य से कंपनी ने शनिवार, 17 जनवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। TCS इससे पहले दूसरी तिमाही में 11 रुपये प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित कर चुकी है।
ट्रेडिंग विंडो रहेगी बंद
कंपनी ने यह भी साफ किया कि TCS के शेयरों में ट्रेडिंग विंडो बुधवार 24 दिसंबर 2025 से लेकर वित्तीय नतीजों की घोषणा के 48 घंटे बाद तक बंद रहेगी। यह नियम इनसाइडर ट्रेडिंग से जुड़े दिशा-निर्देशों के तहत लागू किया गया है।
दूसरी तिमाही का प्रदर्शन
इससे पहले सितंबर तिमाही में TCS का प्रदर्शन मिला-जुला रहा था। कंपनी का रेवेन्यू इस दौरान सालाना आधार पर 2.4 प्रतिशत बढ़कर 65,799 करोड़ रुपये रहा, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर रही। इस बढ़ोतरी में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेगमेंट की मजबूती का अहम योगदान रहा। कंपनी ने संकेत दिया था कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में ग्रोथ बेहतर रहने की उम्मीद है।
हालांकि, सेगमेंट के स्तर पर देखें तो BFSI सेगमेंट से रेवेन्यू करीब 1 प्रतिशत बढ़ा, जबकि कंज्यूमर, हेल्थकेयर और मैन्युफैक्चरिंग वर्टिकल्स से रेवेन्यू में क्रमशः 2.9 प्रतिशत, 2.2 प्रतिशत और 1.1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
मुनाफे की बात करें तो सितंबर तिमाही में TCS का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट 1.4 प्रतिशत बढ़कर ₹2,075 करोड़ रहा, लेकिन यह बाजार के अनुमानों से कम रहा। इसका मुख्य कारण सेवेरेंस कॉस्ट में बढ़ोतरी बताया गया।
कंपनी ने जुलाई में ऐलान किया था कि वह वित्त वर्ष 2026 में अपने वर्कफोर्स का करीब 2 प्रतिशत घटाएगी, जिससे लगभग 12,200 मिडिल और सीनियर मैनेजमेंट पदों पर असर पड़ेगा। सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 19,755 घट गई, जो किसी एक तिमाही में अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।
ऑर्डर बुक और AI पर बड़ा दांव
TCS की कुल ऑर्डर बुकिंग सितंबर तिमाही के अंत में $10 अरब रही, जो जून तिमाही के $9.4 अरब और पिछले साल की समान अवधि के $8.6 अरब से अधिक है।
इसके अलावा, कंपनी ने यह भी बताया था कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक नई बिजनेस एंटिटी बनाएगी। इसके तहत भारत में 1 गीगावॉट का डेटा सेंटर बनाने की योजना है, जिसे अगले 5 से 7 सालों में विकसित किया जाएगा।
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