
ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज स्विगी के शेयर पर बुलिश है। ब्रोकरेज ने रेटिंग ‘बाय’ दी है। साथ ही प्राइस टारगेट ₹450 प्रति शेयर रखा है। यह बीएसई पर शेयर के पिछले बंद भाव से 19 प्रतिशत ज्यादा है। ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा वैल्यूएशन, इंस्टामार्ट को कम आंक रहे हैं। इंस्टामार्ट, स्विगी का क्विक कॉमर्स बिजनेस है। इसके कॉम्पिटीटर ब्लिंकइट और जेप्टो हैं।
कंपनी अब अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस ‘इंस्टामार्ट’ को एक अलग यूनिट स्विगी इंस्टामार्ट प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर कर रही है। इंस्टामार्ट अब स्विगी के पूर्ण-मालिकाना हक वाली एक सब्सिडियरी होगी। कोटक का अनुमान है कि मौजूदा प्राइस पर स्विगी स्टॉक, फूड डिलीवरी और कैश या इनवेस्टमेंट के लिए ₹360 प्रति शेयर की वैल्यू दे रहा है। इसमें इंस्टामार्ट को सिर्फ ₹18 प्रति शेयर का क्रेडिट दिया जा रहा है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज का कहना है कि स्विगी ऐप पर हाल के प्राइस चेक से पता चलता है कि कंपनी धीरे-धीरे कस्टमर्स को डिस्काउंट से दूर कर रही है। क्विक कॉमर्स में कॉम्पिटीशन अभी भी ज्यादा है। लेकिन स्विगी की एवरेज ऑर्डर वैल्यू में सुधार से यूनिट इकोनॉमिक्स में धीरे-धीरे सुधार को सपोर्ट मिलना चाहिए।
Swiggy शेयर 2 प्रतिशत तक उछला
Swiggy के शेयर में 1 दिसंबर को तेजी है। BSE पर शेयर दिन में पिछले बंद भाव से 3.3 प्रतिशत तक चढ़कर 391.05 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप 96500 करोड़ रुपये है। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर 6 महीनों में 17 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं साल 2025 में अब तक 28 प्रतिशत नीचे आया है। Swiggy नवंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 11327.43 करोड़ रुपये का IPO 3.59 गुना भरा था। शेयर को कवर करने वाले 27 एनालिस्ट्स में से 22 ने ‘बाय’ रेटिंग दी है। 3 ने ‘होल्ड’ और 2 ने ‘सेल’ रेटिंग दी है।
कंपनी जुटाएगी 10000 करोड़
स्विगी 10000 करोड़ रुपये जुटाने वाली है। कंपनी के बोर्ड ने 7 नवंबर को प्रपोजल को मंजूरी दी। फंड क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट या अन्य तरीकों से पब्लिक या प्राइवेट ऑफरिंग्स के जरिए एक या एक से अधिक राउंड में जुटाया जाएगा। प्रपोजल पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी समेत अन्य जरूरी मंजूरियां लिया जाना बाकी है। कंपनियां म्यूचुअल फंड्स जैसे बड़े इंस्टीट्यूशंस से पैसे जुटाने के लिए QIP रूट की मदद लेती हैं।
जुलाई-सितंबर 2025 तिमाही में स्विगी को 1092 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ। एक साल पहले कंपनी 626 करोड़ रुपये के घाटे में थी। ऑपरेशंस से रेवेन्यू 5561 करोड़ रुपये हो गया, जो सितंबर 2024 तिमाही में 3601 करोड़ रुपये था।
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