
Stocks to Watch: शुक्रवार, 16 जनवरी को शेयर बाजार में कई बड़े कॉरपोरेट अपडेट्स के चलते चुनिंदा स्टॉक्स फोकस में रहने वाले हैं। इन कंपनियों ने Q3 रिजल्ट, बड़े ऑर्डर, फंडरेजिंग, रेगुलेटरी मंजूरियों जैसे अहम अपडेट दिए हैं। कुछ शेयरों में नतीजों के दम पर तेजी दिख सकती है, तो कुछ में वोलैटिलिटी रहने की आशंका है। ऐसे में ट्रेडर्स और शॉर्ट टर्म निवेशकों के लिए ये 21 स्टॉक्स शुक्रवार के सत्र में खास नजर रखने लायक रहेंगे।
फार्मा कंपनी Biocon ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए ₹4,150 करोड़ की इक्विटी फंडरेजिंग पूरी कर ली है। इस फंड का इस्तेमाल बैलेंस शीट मजबूत करने और ग्रोथ जरूरतों के लिए किया जाएगा।
दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस लिमिटेड ने FY26 के लिए कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर 3%-3.5% कर दी है, जो पहले 2%-3% थी। दिसंबर तिमाही में कंपनी ने 0.6% की QoQ ग्रोथ दर्ज की, जबकि बाजार को फ्लैट ग्रोथ की उम्मीद थी।
Anand Rathi Shares and Stock Brokers ने दिसंबर तिमाही में सितंबर तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹248 करोड़ का ऑपरेशंस रेवेन्यू दर्ज किया। इसी अवधि में EBITDA 8.2 प्रतिशत बढ़कर ₹101.2 करोड़ रहा, जो पिछली तिमाही में ₹93.5 करोड़ था।
Zydus Lifesciences को US Food and Drug Administration (USFDA) से Eltrombopag Tablets के लिए फाइनल अप्रूवल मिल गया है। यह दवा कम प्लेटलेट काउंट से जुड़ी कुछ ब्लड डिसऑर्डर्स के इलाज में इस्तेमाल की जाती है। यह दवा बोन मैरो को प्लेटलेट प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए स्टिमुलेट करती है, जिससे ब्लीडिंग का खतरा कम होता है।
HDB Financial का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 36.3% बढ़कर ₹644 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹472 करोड़ था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम 22.1% बढ़कर ₹2,285 करोड़ पहुंच गई।
ICICI Pru AMC का शुद्ध लाभ 45.1% बढ़कर ₹917 करोड़ हो गया। कंपनी की कुल आय 35.2% बढ़कर ₹1,623.5 करोड़ रही। बोर्ड ने ₹14.85 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।
कृषि उपकरणों के लिए इंजन बनाने वाली Swaraj Engines का शुद्ध मुनाफा 31.6% बढ़कर ₹42.1 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 37% बढ़कर ₹473.2 करोड़ रहा। EBITDA 40.2% उछलकर ₹61.9 करोड़ पहुंचा और मार्जिन 13.1% हो गया।
सरकारी कंपनी NBCC (India) Ltd को Indian Overseas Bank (IOB) से करीब ₹55.02 करोड़ का नया वर्क ऑर्डर मिला है। इसके तहत NBCC रायपुर में IOB के नए रीजनल ऑफिस की प्लानिंग, डिजाइन, निर्माण और हैंडओवर का काम प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी (PMC) के रूप में करेगी।
सरकारी डिफेंस और इंजीनियरिंग कंपनी BHEL ने Vande Bharat Sleeper Train प्रोजेक्ट के लिए सेमी-हाई-स्पीड अंडरस्लंग ट्रैक्शन ट्रांसफॉर्मर की सप्लाई शुरू कर दी है।
सरकारी रेलवे कंपनी RailTel को Central Railway से ₹88 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए Letter of Acceptance (LoA) मिला है। यह ऑर्डर रेलवे नेटवर्क से जुड़े तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए है।
Transrail Lighting को MENA, अफ्रीका और भारत में कुल ₹527 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। नए ऑर्डर पावर ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (T&D) और पोल्स एवं लाइटिंग सेगमेंट से जुड़े हुए हैं।
सोलर सेक्टर की कंपनी Pace Digitek को Bondada Engineering से ₹375 करोड़ का सोलर EPC ऑर्डर मिला है। यह कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस के लिए बड़ा बूस्ट माना जा रहा है।
साउथ इंडियन बैंक का शुद्ध मुनाफा 0.7% बढ़कर ₹374.3 करोड़ रहा। ग्रॉस NPA घटकर 2.67% और नेट NPA 0.45% पर आ गया।
DB Corp का शुद्ध लाभ 19.2% गिरकर ₹95.5 करोड़ रह गया। रेवेन्यू 5.8% घटा, जबकि EBITDA 23.7% टूटकर ₹135.5 करोड़ पर आ गया।
स्टर्लिंग एंड विल्सन को ₹2.8 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। पिछले साल कंपनी मुनाफे में थी। रेवेन्यू में बढ़ोतरी हुई, लेकिन मार्जिन दबाव में रहा।
YES Bank में सबसे बड़े शेयरधारक SMBC को RBI से भारत में पूरी तरह स्वामित्व वाली सब्सिडियरी खोलने की सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
श्रीराम फाइनेंस में 98.5% शेयरधारकों ने MUFG को शेयर जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। वहीं 91.9% शेयरधारकों ने MUFG के वन-टाइम पेमेंट को भी हरी झंडी दी है।
Kolte-Patil Developers ने दिसंबर तिमाही में ₹605 करोड़ की सेल्स वैल्यू दर्ज की। वहीं कलेक्शन ₹709 करोड़ रहा, जो अब तक का सबसे ऊंचा तिमाही कलेक्शन है। यह तिमाही आधार पर 19% की बढ़त दिखाता है।
SPARC ने अपने प्रमोटर ग्रुप की कंपनी Shanghvi Finance को ₹600 करोड़ जुटाने के लिए 3.85 करोड़ वारंट जारी करने की अनुमति दी है। इन वारंट्स के जरिए भविष्य में Shanghvi Finance कंपनी के शेयर खरीद सकती है, जिससे SPARC में प्रमोटर की हिस्सेदारी और पूंजी दोनों बढ़ेंगी।
TVS सप्लाई चेन के बोर्ड ने 22 जनवरी से Vikas Chadha को कंपनी का ग्लोबल CEO नियुक्त करने को मंजूरी दी है। यह नियुक्ति इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन कंपनी में बड़े नेतृत्व परिवर्तन का प्रतीक है
NCLT ने DLF की 16 पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के आपस में विलय को मंजूरी दे दी है। इससे DLF की कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगी। साथ ही, ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और लागत घटाने में मदद मिलेगी।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।