Stock News: Q2 में 97% गिरा मुनाफा, फिर भी IPO प्राइस के ऊपर पहुंच गया यह शेयर, आपके पास है? – wework share price jumps over 3 percent after q2 results announcement revenue margins expand shares near ipo price



WeWork India Shares: फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर वीवर्क इंडिया मैनेजमेंट के शेयरों में आज खरीदारी का अच्छा रुझान दिखा और शेयर रिकवर होकर एक बार फिर आईपीओ प्राइस के पार पहुंच गए। कंपनी के शेयरों की यह ताबड़तोड़ तेजी सितंबर तिमाही के कारोबारी नतीजों के ऐलान के बाद आई। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफा करीब 97% गिर गया लेकिन फिर भी वीवर्क इंडिया के शेयर उछल पड़े। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव नरम पड़े और यह फिर आईपीओ प्राइस के नीचे आ गया। फिलहाल बीएसई पर यह 0.54% की बढ़त के साथ ₹636.50 पर है। इंट्रा-डे में यह 3.46% उछलकर ₹655.00 तक पहुंच गया था। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को ₹348 के भाव पर जारी हुए थे।

WeWork India Q2 Results: खास बातें

चालू वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर 2025 में वीवर्क इंडिया का सालाना आधार पर कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹203.63 करोड़ से 96.91% फिसलकर ₹6.29 करोड़ पर आ गया लेकिन इस दौरान कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 22.40% चढ़कर ₹574.70 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी के मुनाफे में भले ही तेज गिरावट दिख रही है लेकिन पिछले साल के आंकड़े में ₹235.33 करोड़ का डेफर्ड टैक्स क्रेडिट शामिल है और अगर इसे निकाल दें तो पिछले साल की सितंबर 2024 तिमाही में कंपनी को कंसालिडेटेड लेवल पर ₹31.7 करोड़ के शुद्ध घाटे में थी। रेवेन्यू को मजबूत एंटरप्राइज डिमांड और हाई अकुपेंसी से सपोर्ट मिला।

ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो वीवर्क इंडिया का सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर ईबाईटीडीए यानी कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 26% उछलकर ₹390 करोड़ और ऑपरेटिंग मार्जिन 64.4% से 66.7% पर पहुंच गया। सितंबर तिमाही के आखिरी में कंपनी का ऑपरेटिंग पोर्टफोलियो देश के आठ शहरों में 70 सेंटर्स पर 77 लाख स्क्वेयर फीट का रहा। इसका एयूएम 1 करोड़ स्क्वेयर फीट का है। कंपनी के पास 1.15 लाख डेस्क रहे जिसमें 80.2% अकुपाइड रहे। सितंबर तिमाही में रिन्यूअल रेट 78% रहा जबकि औसतन मेंबरशिप टेन्योर 17% बढ़कर 27 महीना हो गया।

लिस्टिंग के बाद से कैसा रहा है शेयरों का परफॉरमेंस?

वीवर्क इंडिया के शेयरों की पिछले महीने 10 अक्टूबर 2025 को एंट्री हुई थी। इसके ₹3,000.00 करोड़ के आईपीओ के तहत आईपीओ निवेशकों को ₹648 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। इसके आईपीओ को निवेशकों के रिस्पांस की बात करें तो यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था और ओवरऑल इसे 1.15 गुना बोली मिली थी। इसे निवेशकों का मिला-जुला रिस्पांस मिला था और खुदरा निवेशकों और हाई-नेटवर्थ इंडिविजुअल्स के लिए आरक्षित हिस्सा तो पूरा भर भी नहीं पाया था।

लिस्टिंग के दिन भी इसकी स्टॉक मार्केट में एंट्री फीकी रही और कुछ खास लिस्टिंग गेन नहीं मिला। लिस्टिंग के बाद 13 अक्टूबर को यह टूटकर ₹599 परआ गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से करीब तीन हफ्ते में यह 10.54% उछलकर बीएसई पर 3 नवंबर 2025 को ₹662.15 पर पहुंच गया जो इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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