
सीएनबीसी-आवाज, मैनेजिंग एडिटर, अनुज सिंघल
सीरीज की शुरुआत में ही कहा गया था कि जनवरी में बड़े संकेत हैं। ये जनवरी सीरीज पिछले 4 बार से अलग हो सकती है। अब तक के ऑटो सेल्स और क्वार्टरली अपडेट्स बहुत अच्छे रहे हैं। और यही कहानी Q3 नतीजों में भी दिख सकती है। सितंबर-अक्टूबर में हमने 2026 के लिए 30,000 का लक्ष्य लिया था और संभव है कि जून में हमें इस लक्ष्य को रिवाइज करना पड़े। सिर्फ एक दिक्कत है- पिछले 3 दिन की रैली कम वॉल्यूम पर हुई थी। FIIs आज छुट्टी से वापस आएंगे और फिर से बेच सकते हैं। लेकिन बाजार अब मोमेंटम में है और सेंटिमेंट पॉजिटिव है। इस बाजार को ट्रेड करने का तरीका अब ट्रेलिंग SL के साथ बने रहने का है।
वेनेजुएला: आखिर हुआ क्या और क्यों?
वीकेंड पर अमेरिका ने वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर स्ट्राइक की। अमेरिका ने राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को कैद कर लिया और उन्हें अमेरिका ले जाकर बंदी बना लिया। ट्रंप ने US वेनेजुएला को तब तक चलाएगा जब तक वहां सरकार नहीं बदल जाती। वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़ा क्रूड ऑयल भंडार हैं (ग्लोबल रिजर्व का 1/5)। ये घटना लंबी अवधि में तेल के दामों के लिए निगेटिव हैं। ऑयल एक्सपर्ट्स: वेनेजुएला 2 साल में 1.3–1.4 mbd प्रोडक्शन हासिल कर सकता है। अलर्ट अभी वेनेजुएला का ऑयल प्रोडक्शन लगभग 1 mbd के आसपास है। आज UN सिक्योरिटी काउंसिल इमरजेंसी सेशन करेगी। क्रूड काफी हद तक टॉप बन चुका है। सिर्फ फंडामेंटल्स पर अब क्रूड $70 के ऊपर नहीं जाने वाला, लेकिन अगर कमोडिटी सुपर साइकल हुई तो speculation में बढ़ सकता है। मगर क्रूड में ऐसी कोई भी रैली छोटी अवधि के लिए ही होगी। भारत के मैक्रो के लिए बड़ा पॉजिटिव है कि क्रूड $60 के पास रहे। अब भारत को रूस से भी ऑयल लेने की जरूरत नहीं है।
बाजार: आज के संकेत
बजाज फाइनेंस, बैंक ऑफ बड़ौदा और PNB के अच्छे Q3 अपडेट्स पर है। AU स्मॉल बैंक के भी Q3 अपडेट्स शानदार हैं। ज्यादातर ऑटो सेल्स अनुमानों से ऊपर रही। रिटेल कंपनियों के Q3 अपडेट्स मिलेजुले हैं । V2 रिटेल के Q3 अपडेट्स अच्छे हैं लेकिन डीमार्ट और वी-मार्ट अनुमान से नीचे हैं। सुबह डॉनल्ड ट्रंप के बयान का गलत मतलब निकाला गया। ट्रंप ने कहा कि अगर रूस से ऑयल लेते रहते तो टैरिफ बढ़ जाता। बाजार के लिए अब सबसे बड़ा संकेत Q3 अपडेट्स और नतीजों का मौसम होगा। लेकिन एक बात साफ है, ये नतीजों का सीजन उम्मीदों वाला है और अब यहां से अगले 3-4 तिमाही base effect पक्ष में होगा। हमारी मार्केट किसी भी मायने में महंगी नहीं है और अगर नतीजों का सपोर्ट मिला तो बड़ी रैली संभव है।
बाजार: क्या हो रणनीति?
सबसे पहली बात लार्जकैप शेयरों पर फोकस करें। पिछले साल स्मॉलकैप नहीं चले मतलब ये नहीं कि इस साल वो चलेंगे। अभी भी स्मॉलकैप में काफी दिक्कतें हैं और वैल्युएशंस महंगे हैं। इस समय वहां रहिए जहां बाजार मेहरबान है। ऑटो, PSU बैंक, चुनिंदा प्राइवेट बैंक, NBFC शेयरों पर फोकस रखिए। थोड़ा एक्सपोजर IT और केमिकल शेयरों में भी रखना होगा । मेटल और कमोडिटी शेयरों को अब सख्त SL के साथ कैरी करें। अगर स्मॉलकैप शेयर लेने भी हैं तो स्ट्रेंथ वाले स्मॉलकैप लीजिए। जो स्मॉलकैप शेयर 50-60% नीचे हैं, उनमें से ज्यादातर और नीचे ही जाएंगे। इस साल किसी भी IPO में निवेश मत कीजिए। ट्रैक रिकॉर्ड उठा के देख लीजिए, 80-90% IPOs में पैसा डूबा है। इस बाजार का सबसे बड़ा रिलेटिव स्ट्रेंथ ब्रह्मास्त्र है। जो शेयर ऑल टाइम हाई पर हैं वहीं रहिए। कुछ उदाहरण: श्रीराम फिन, TVS मोटर, अशोक लेलैंड, RIL, मारुति है।
निफ्टी पर रणनीति
इस बाजार में 26,500 तक कोई कॉल राइटर नहीं है। 26,380-26,420 पर पहली रजिस्टेंस बना। 26,420 के ऊपर फिर 26,500-26,525 पर बड़ी रजिस्टेंस है। बड़ा सवाल ये है कि अगर आपने रैली मिस की है तो अब क्या करें। अब निफ्टी के लिए नया ट्रेलिंग स्टॉप लॉस 26,150 पर लगाए। गैप अप के बाद छोटी-मोटी गिरावट का इंतजार करें। 26,250-26,350 तक की रेंज मिले तो खरीदारी करें और स्टॉप लॉस 26,150 पर रहा। इस बाजार में फिलहाल शॉर्ट नहीं करना है क्योंकि मोमेंटम है।
बैंक निफ्टी पर स्ट्रैटेजी
बैंक निफ्टी में हमने पिछले 4 दिनों से लॉन्ग का नजरिया रखा था। सारे टार्गेट हासिल हउए और बैंक निफ्टी अब थोड़ा ओवरबॉट है। लेकिन मोमेंटम में 60,500-61,000 भी संभव है। 59,750 का अब एक मजबूत बेस बन चुका है। अपने मौजूदा लॉन्ग्स को 59,750 के स्टॉप लॉस के साथ कैरी करें। किसी भी गिरावट के खत्म होने का इंतजार करें और फिर खरीदारी करें।
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