
SIP News: एसआईपी का क्रेज हल्का हो रहा है? यह सवाल इसलिए अब सामने आ रहा है क्योंकि एसआईपी (सिस्टमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (SIP) स्टॉपेज रेश्यो दिसंबर महीने में बढ़ गया। हालांकि दिसंबर महीने में ही दूसरी तरफ एसआईपी में मासिक निवेश नवंबर महीने में ₹29,445 करोड़ की तुलना में उछलकर ₹31,002 करोड़ के रिकॉर्ड लेवल पर पहुंच गया। इसके साथ ही ओवरऑल SIP AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) उछलकर 16.63 लाख करोड़ पर पहुंच दया जोकि म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के टोटल एसेट्स का 20.7% है। साथ ही दिसंबर महीने में एसआईपी अकाउंट्स भी नवंबर में 9.43 करोड़ की तुलना में बढ़कर 9.79 करोड़ पर पहुंच गया जो खुदरा भागीदारी की स्थायी ग्रोथ को दिखाता है।
फिर SIP स्टॉपेज रेश्यो का क्या है मतलब?
दिसंबर महीने में एसआईपी में रिकॉर्ड मासिक निवेश आया, ओवरऑल एसआईपी एयूएम भी बढ़ा और एसआईपी खाते भी बढ़े। साथ ही दिसंबर महीने में नई एसआईपी की संख्या भी नवंबर महीने में 57.13 लाख की तुलना में 60.46 लाख पर पहुंच गई। वहीं दूसरी तरफ दिसंबर महीने में करीब 51.57 लाख एसआईपी या तो बंद हुई या मेच्योर हुई जिसका आंकड़ा नवंबर महीने में 43 लाख था। इसके साथ ही एसआईपी स्टॉपेज रेश्यो नवंबर महीने में 75.66% से उछलकर करीब 85% पर पहुंच गया।
म्यूचुअल फंड बॉडी AMFI (एसोसिएशन ऑफ म्यूचु्अल फंड्स इन इंडिया) के मुताबिक दिसंबर महीने में करीब 33 लाख एसआईपी को बंद किया गया और सिर्फ 18.6 लाख के करीब एसआईपी ही मेच्योर हुई। अगर बंद हुए एसआईपी को लिया जाए तो एसआईपी स्टॉपेज रेश्यो करीब 55% है। हालांकि इसकी तुलना के लिए एएमएफआई ने नवंबर महीने का आंकड़ा नहीं दिया है। स्टॉपेज रेश्यो यह दिखाता है कि नई रजिस्टर हुई एसआईपी की तुलना में कितनी एसआईपी बंद हुई या मेच्योर हुई। इसके 100% के पार जाने का मतलब है कि नई एसआईपी शुरू होने से अधिक तो बंद हुई हैं या मेच्योर हुई हैं।
ओवरऑल Mutual Fund Industry का क्या है हाल?
इक्विटी साइड बात करें तो दिसंबर महीने में म्यूचुअल फंड इनफ्लो ₹28,054 करोड़ रहा जबकि नवंबर महीने में यह आंकड़ा ₹29,911 करोड़ रहा यानी कि मासिक आधार पर इसमें करीब 6% की गिरावट आई। बाजार की भारी उठा-पटक और वैश्विक चुनौतियों के बीच इसे झटका लगा। वहीं डेट म्यूचुअल फंड्स से दिसंबर महीने में ₹1.32 लाख करोड़ का नेट निकासी हुई तो हाइब्रिड स्कीम्स में ₹10,756 करोड़ का निवेश आया। गोल्ड ईटीएफ में मजबूत रुझान दिखा और नवंबर महीने में ₹3742 करोड़ की तुलना में दिसंबर महीने में ₹11,647 करोड़ का तगड़ा निवेश आया। ओवरऑल बात करें तो म्यूचुअल इंडस्ट्री का एयूएम नवंबर महीने में ₹80.7 लाख करोड़ से हल्का-सा गिरकर ₹80.23 लाख करोड़ पर आ गया।