Silver Prices: अंतरराष्ट्रीय बाजार में $73 तक गिरी चांदी, घरेलू बाजार में भी हलचल; जानें क्या है गिरावट की वजह – silver prices fall today 73 dollar in global market what is driving the drop and what lies ahead



Silver Prices: चांदी की कीमतों में बुधवार 18 फरवरी को भी गिरावट जारी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का दाम 72 डॉलर प्रति औंस तक फिसल गया। हालांकि बाद में कुछ रिकवरी आई, लेकिन कीमतें 73 डॉलर प्रति औंस के आसपास ही बनी रही। यह पिछले बंद भाव के मुकाबले 0.54 प्रतिशत की गिरावट है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का वायदा भाव 2,30,204 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ। यह पिछले सत्र की तुलना में 0.62 प्रतिशत की बढ़त दिखाता है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय संकेत, मुनाफावसूली और बढ़ती अस्थिरता के चलते कीमतों पर दबाव बना रहा।

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन ने 17 फरवरी की शाम 6:30 बजे के सत्र में चांदी का मानक भाव 2,32,955 रुपये प्रति किलो बताया। यह पिछले 24 घंटों में 3.32 प्रतिशत की गिरावट है।

क्यों गिर रही है चांदी?

एकसपर्ट्स का कहना है कि सुरक्षित निवेश की मांग में कमी आने से चांदी पर दबाव बना है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित परमाणु वार्ता की खबरों से ग्लोबल स्तर पर तनाव कुछ कम हुआ है। साथ ही यूक्रेन और रूस के बीच नई बातचीत की खबरों ने भी बाजार में रिस्क सेंटीमेंट को बेहतर किया है।

जब भू-राजनीतिक तनाव घटता है, तो निवेशक सोना और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों से पैसा निकालकर दूसरे एसेट्स की ओर रुख करते हैं।

डॉलर की मजबूती भी चांदी के लिए नेगेटिव खबर रही। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी और सोना की कीमतें डॉलर में होती हैं। डॉलर मजबूत होने पर इन धातुओं की कीमत महंगी दिखने लगती है, जिससे मांग घट सकती है।

एक्सपर्ट्स रॉस मैक्सवेल का कहना है कि बाजार फिलहाल भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को देख रहा है। अगर प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं दरों में कटौती का संकेत देती हैं, तो वास्तविक ब्याज दरें नीचे आएंगी। इससे बिना ब्याज वाली संपत्तियों जैसे सोना और चांदी को फायदा हो सकता है।

हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहीं या डॉलर और मजबूत हुआ, तो कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है।

आगे क्या रहेगा रुख?

ऑगमोंट बुलियन की रिपोर्ट के अनुसार हालिया गिरावट फिलहाल शॉर्ट टर्म करेक्शन मानी जा रही है। यह किसी बड़े नकारात्मक ट्रेंड का संकेत नहीं है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाजार अब फेडरल रिजर्व की जनवरी बैठक के मिनट्स पर नजर रखे हुए है। अगर संकेत मिलता है कि जून में पहली दर कटौती हो सकती है, तो मध्यम अवधि में चांदी को सहारा मिल सकता है।

अनुमान है कि चांदी 70 से 90 डॉलर के दायरे में रह सकती है। भारतीय बाजार में यह दायरा लगभग 2,25,000 से 2,85,000 रुपये प्रति किलो का हो सकता है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को गिरावट में खरीदारी और तेजी में आंशिक मुनाफावसूली की रणनीति अपनानी चाहिए। अगर कीमत 70 डॉलर से नीचे जाती है, तो गिरावट 64 डॉलर तक भी जा सकती है। फिलहाल बाजार अस्थिर है। लेकिन लंबी अवधि का नजरिया अभी भी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें- स्मॉलकैप स्पेस में एकतरफा रैली की उम्मीद नहीं, लंबे नजरिए से क्ववालिटी शेयरों पर करें फोकस -एक्सपर्ट्स

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।



Source link

Scroll to Top