Share Market Rise: शेयर बाजार बना रॉकेट! सेंसेक्स 2500 अंक उछला, भारत-US ट्रेड डील समेत ये हैं 5 बड़े कारण – why share market rise today sensex jumps 2500 points nifty at 25800 india-us trade deal among key reasons



Share Market Rise: भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के ऐलान से भारतीय शेयर बाजारों में मंगलवार 3 फरवरी को बंपर तेजी देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 2,500 अंक से ज्यादा उछल गया। वहीं निफ्टी एक बार फिर बढ़कर 25,850 के पार पहुंच गया। यह सेंसेक्स और निफ्टी में पिछले 5 सालों में आई सबसे बड़ी तेजी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर टैरिफ घटाने के ऐलान से निवेशकों में जबरदस्त जोश देखने को मिला। बाजार खुलते ही चौतरफा खरीदारी की होड़ दिखी। सभी 16 प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। बैंकिंग, मेटल, इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल गुड्स और फाइनेंशियल शेयरों में खासतौर पर मजबूत खरीदारी दिखी। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 3.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए।

सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 2,510.72 अंक या 3.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,177.18 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 762.60 अंक या 3.04 प्रतिशत उछलकर 25,851 के ऊपर कारोबार करता दिखा। निफ्टी पर अदाणी एंटरप्राइजेज, अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज जैसे शेयर टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जिनमें 11 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई।

शेयर बाजार में आज की इस तेजी के पीछे 5 बड़े कारण रहे-

1. अमेरिका के साथ ऐतिहासिक व्यापार समझौता (Trade Deal)

शेयर बाजार में आज की तेजी का सबसे बड़ा कारण भारत–अमेरिका ट्रेड डील रहा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा की कि अमेरिका ने भारत के साथ एक ट्रेड समझौता किया है, जिसके तहत भारतीय सामानों पर लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद की गई। इस फैसले से भारतीय एक्सपोर्टरों, खासकर टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और इंडस्ट्रियल सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है। टेक्सटाइल सेक्टर की कम से कम से 6 कंपनियों के शेयरों में आज 20 प्रतिशत का अपर सर्किट लगा।

2. प़ड़ोसी देशों के मुकाबले भारत पर बढ़त

अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौता से भारत को एक्सपोर्ट के मामले में अपनी प्रतिद्वंदी देशों पर बढ़त मिलती नजर आ रही है। भारत पर अब 18 प्रतिशत का टैरिफ लागू होगा, जबकि बांग्लादेश, श्रीलंका, ताइवान और वियतनाम जैसे देशों पर 20 प्रतिशत का टैरिफ रहेगा। वहीं पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस पर 19 प्रतिशत का टैरिफ लागू रहेगा। इस तुलना में भारत की स्थिति ज्यादा मजबूत होती दिख रही है, जिससे लंबी अवधि में अमेरिकी बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

3. रुपये और बॉन्ड मार्केट से भी मिला सपोर्ट

अमेरिका के साथ ट्रेड डील के ऐलान के बाद भारतीय रुपये में भी मजबूती देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर 90.40 के स्तर तक पहुंच गया। इसके अलावा सरकारी बॉन्ड मार्केट में भी राहत दिखी और 10 साल की बेंचमार्क सरकारी बॉन्ड यील्ड 5 बेसिस प्वाइंट गिरकर 6.72 प्रतिशत पर आ गई। इससे विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय बाजार की आकर्षण बढ़ता दिखा।

4. मजबूत ग्लोबल संकेत

एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5% उछला, जबकि जापान का निक्केई 225, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग भी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को मजबूती के साथ बंद हुए, जिससे भारतीय बाजार को भी सहारा मिला।

5. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.51% गिरकर 65.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। कच्चा तेल सस्ता होने से महंगाई पर दबाव कम होता है और भारत के ट्रेड बैलेंस में सुधार होता है, जिसका असर शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव माना जाता है।

यह भी पढ़ें- India-US Trade Deal: टेक्सटाइल शेयरों में तूफानी तेजी, बाजार खुलते ही इन 6 स्टॉक्स में लगा 20% अपर सर्किट

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।



Source link

Scroll to Top