Share Market Down: इन 5 कारणों से गिरा शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के हाई से 500 अंक टूटा, ये शेयर लुढ़के – share market down today on 5 big reasons sensex falls 400 points from day high nifty near 26000



Share Market Down: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 29 दिसंबर को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों अपनी शुरुआती बढ़त गंवाकर गिरावट में आ गए। सेंसेक्स दिन के हाई से करीब 400 अंक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 26000 के पास आ गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और क्रूड ऑयल के दाम में उछाल ने बाजार पर दबाव डाला है। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स एक समय 209 अंक या 0.24 प्रतिशत चढ़कर 85,250 के स्तर तक पहुंच गया था। वहीं निफ्टी 64.5 अंक की बढ़त के साथ 26,106.80 के स्तर पर गया। हालांकि, यह तेजी ज्यादा देर टिक नहीं सकी।

सुबह करीब 11:30 बजे, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से करीब 500 अंक गिरकर 277.55 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,763.91 पर कारोबार करता गिखा। वहीं निफ्टी 75.35 अंक या 0.29 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,966.95 पर आ गया। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी 0.35 फीसदी तक टूट गए। सबसे अधिक गिरावट आईटी, बैकिंग, पावर और रियल्टी शेयरों में देखने को मिली।

शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 अहम कारण रहे-

1. साल के अंत में कम ट्रेडिंग वॉल्यूम

साल के आखिरी दिनों में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने से निवेशक सतर्क नजर आए। दिसंबर में निफ्टी-50 का औसत डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम करीब 25 करोड़ शेयरों का रहा, जो नवंबर में रहे 30 करोड़ शेयरों के स्तर से कम है। चॉइस ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट आकाश शाह ने कहा कि साल के अंत में आमतौर पर छुट्टियों के चलते बाजार में भागीदारी कम रहती है, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम घट जाता है और बाजार की चाल सुस्त बनी रहती है।

2. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने शुक्रवार को 317.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। यह लगातार चौथा दिन रहा जब FIIs ने शुद्ध रूप से बिकवाली की। लगातार हो रही इस बिकवाली ने निवेशकों के मनोबल को कमजोर किया और घरेलू शेयरों में किसी बड़ी तेजी पर ब्रेक लगा दिया।

3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी देखी गई। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 1.04 प्रतिशत चढ़कर 61.27 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। क्रूड ऑयल के महंगे होने से भारत का इंपोर्ट बिल बढ़ता है और महंगाई की चिंता भी बढ़ जाती है, जिसका असर शेयर बाजार पर नेगेटिव पड़ता है।

4. ग्लोबल संकेतों का कमजोर होना

शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार सपाट बंद हुए, जबकि सोमवार सुबह (भारतीय समय के अनुसार) अमेरिकी फ्यूचर्स भी सुस्त कारोबार कर रहे थे, जिससे विदेशी बाजारों में कमजोर शुरुआत के संकेत मिले। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स भी गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट्स, वीके विजयकुमार ने कहा कि बाजार में मजबूत तेजी के लिए किसी बड़े ट्रिगर की जरूरत है, जैसे भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता। फिलहाल इस पर कोई स्पष्टता नहीं है। ऐसे में निकट भविष्य में बाजार में कंसोलिडेशन रहने की संभावना है। उनका कहना है कि निवेशक इस कंसोलिडेशन फेज का इस्तेमाल धीरे-धीरे अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों में, खासकर लार्जकैप स्टॉक्स में धीरे-धीरे निवेश के लिए कर सकते हैं।

5. रुपये में गिरावट

भारतीय रुपया सोमवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 5 पैसे गिरकर 89.95 पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत का रुपये पर भी असर दिखा। इससे पहले शुक्रवार को भी रुपये में 19 पैसे की गिरावट देखी गई थी।

टेक्निकल एक्सपर्ट्स का क्या है कहना?

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, निफ्टी इस समय अपने 20-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज के करीब कारोबार कर रहा है।

उन्होंने कहा कि शुरुआत में हल्की रिकवरी दिख सकती है, लेकिन मजबूती की पुष्टि के लिए निफ्टी का 26,127–26,150 के ऊपर जाना जरूरी है। अगर निफ्टी 26,050–26,077 के स्तर को संभालने में नाकाम रहता है, तो इसमें और गिरावट आ सकती है और यह 25,935–25,850 तक फिसल सकता है। जरूरत पड़ी तो 25,740–25,650 के स्तर भी देखने को मिल सकते हैं, हालांकि आज इसकी संभावना कम है।

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