
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में सोमवार 19 जनवरी को जोरदार गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 600 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी गिरकर 25,500 के पास आ गया। ग्लोबल व्यापार को लेकर बढ़ते तनाव, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और कमजोर तिमाही नतीजों के चलते निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ। स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। सबसे अधिक गिरावट आईटी, एनर्जी और रियल एस्टेट शेयरों में देखने को मिली।
सुबह 10:05 बजे के करीब, बीएसई सेंसेक्स 622.85 अंक यानी 0.75% टूटकर 82,947.48 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 182.1 अंक या 0.7% की गिरावट के साथ 25,515.15 के आसपास कारोबार करता दिखा।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़ी वजहें रहीं-
1. ग्लोबल बाजारों से नेगेटिव संकेत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिसके चलते दुनियाभर के शेयर बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका को ग्रीनलैंड खरीदने की अनुमति नहीं दी गई, तो वह डेनमार्क, नॉर्वे, स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड्स, फिनलैंड और ब्रिटेन से आयात होने वाले सामान पर 1 फरवरी से 10% अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे। अगर इसके बाद भी बात नहीं बनी तो 1 जून से यह टैरिफ बढ़कर 25% हो सकता है।
इस बयान के बाद यूरोप में EUROSTOXX 50 और DAX फ्यूचर्स करीब 1.1% टूट गए, जबकि जापान का Nikkei इंडेक्स करीब 1% तक गिर गया। हालांकि अमेरिकी शेयर बाजार ‘मार्टिन लुथर किंग जूनियर डे’ पर छुट्टी के चलते बंद हैं, लेकिन US स्टॉक फ्यूचर्स सोमवार सुबह में 0.7% की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
2. फेड चेयर को लेकर अनिश्चितता
शेयर बाजार का सेंटीमेंट, अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक के अगले चेयरमैन को लेकर अनिश्चितता से भी कमजोर हुआ है। ट्रंप का कहना है कि केविन हैसेट को अगले चेयरमैन के लिए नहीं नियुक्त किया जाएगा और वह व्हाइट हाउस नेशनल इकोनॉमिक काउंसिल के डायरेक्टर के तौर पर ही बने रह सकते हैं। हैसेट को ब्याज दरों में कटौती के पक्ष में माना जाता है। उनकी नियुक्ति पर अनिश्चितता से 2026 में ब्याज दर घटने की उम्मीदें कमजोर हुई हैं, जिसका असर ग्लोबल शेयर बाजारों पर पड़ा।
3. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार नौवें कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार से पैसे निकाले हैं। शुक्रवार को उन्होंने भारतीय बाजार में 4,346.13 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट्स वीके विजयकुमार के मुताबिक, “जनवरी महीने में अब तक विदेशी निवेशक कुल 22,529 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। इस साल की शुरुआत में भी भारत का प्रदर्शन दूसरे बड़े ग्लोबल शेयर बाजारों की तुलना में कमजोर बना हुआ है।”
4. कमजोर Q3 नतीजों का असर
दिसंबर तिमाही के मिले-जुले नतीजों ने भी शेयर बाजार पर दबाव बढ़ाया। निफ्टी IT इंडेक्स आज कारोबार के दौरान करीब 1% तक गिर गया। सबसे अधिक विप्रो के शेयरों में 9 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली। बैंकिंग शेयर भी दवाब में रहे। ICICI Bank के शेयर करीब 3% तक टूट गए। बैंक ने दिसंबर तिमाही में ज्यादा प्रोविजंस के चलते बाजार अनुमानों से कमजोर प्रदर्शन किया।
मेहता इक्विटीज के सीनियर वीपी (रिसर्च) प्रशांत तापसे ने रॉयटर्स को बताया, “ब्लूचिप कंपनियों के मिले-जुले नतीजों ने बाजार को सतर्क मोड में रखा है। इन नतीजों के चलते सेंटीमेंट कमजोर हुआ है और चुनिंदा शेयरों में सीमित खरीदारी देखने को मिल रही है।”
5. इंडिया VIX में उछाल
शेयर बाजार में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला India VIX इंडेक्स सोमवार को 5% से ज्यादा उछलकर 11.98 पर पहुंच गया। VIX में तेजी से आमतौर पर यह संकेत मिलता है कि निवेशक फिलहाल सतर्क हो गए हैं और जोखिम लेने से बच रहे हैं।
अब आगे क्या?
पिछले हफ्ते निफ्टी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। इस दौरान निफ्टी ने 25,899 का ऊपरी स्तर और 25,473 का निचला स्तर बनाया। हफ्ते के अंत में यह थोड़ा बढ़कर 25,694 पर बंद हुआ, जिससे बाजार में अभी भी असमंजस की स्थिति दिखती है। टेक्निकल एनालिस्ट्स का कहना है कि वीकली चार्ट पर स्पिनिंग टॉप कैंडल बनी है, जो ऊपरी स्तरों पर अनिश्चितता का संकेत देती है। साथ ही, 50-दिन की एवरेज (EMA) के पास निफ्टी को रुकावट का सामना करना पड़ रहा है।
डेली चार्ट पर निफ्टी 25,700 के नीचे बंद हुआ है, जिससे निकट अवधि में कमजोरी के संकेत मिलते हैं। फिलहाल निफ्टी अपनी 20-दिन और 50-दिन की एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है, लेकिन 200-दिन की एवरेज के ऊपर बना हुआ है। इससे मध्यम अवधि का रुझान अब भी सकारात्मक माना जा सकता है। आने वाले दिनों में निफ्टी के लिए 25,875 पहला बड़ा रेजिस्टेंस रहेगा, इसके बाद 26,000 और 26,100 के स्तर अहम होंगे। वहीं, नीचे की तरफ 25,600 और 25,450 मजबूत सपोर्ट के तौर पर काम कर सकते हैं।
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