
सीरियस फ्रॉड इनवेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) इंडसइंड बैंक में अकाउंटिंग से जुड़े मामलों की जांच शुरू की है। उसने कंपनीज एक्ट, 2013 के सेक्शन 212 के तहत यह जांच शुरू की है। इंडसइंड बैंक ने 24 दिसंबर को यह जानकारी दी। बैंक ने कहा है कि उसे इस जांच से जुड़ा 23 दिसंबर, 2025 का एक लेटर मिला है।
IndusInd Bank ने कहा है कि SFIO ने मामले से जुड़ी कुछ जानकारियां मांगी है। बैंक के इनटर्नल डेरिवेटिव ट्रेड के अकाउंटिंग से जुड़े पहले आए डिसक्लोजर के बाद एसएपआईओ यह जांच कर रहा है। बैंक के इनटर्नल जांच में डेरिवेटिव ट्रेड की अकाउंटिंग में कुछ गड़बड़ियां मिली थीं। माइक्रोफाइनेंस इंटरेस्ट और फी इनकम से जुड़े भी कुछ मसले सामने आए थे।
सीएनबीसी-टीवी18 ने सबसे पहले 18 दिसंबर को खबर दी थी कि ऑडिटर्स की रिपोर्ट्स के बाद बाद सरकार ने इंडसइंड बैंक से जुड़े मामलों की जांच का आदेश दिया है। यह मामला कंपनी मामलों के मंत्रालय के तहत आने वाले SFIO को भेजा गया है। इससे पहले इंडसइंड बैंक ने 18 दिसंबर, 2025 को एक्सचेंजों को बताया था कि एसएफआईओ को इन मामलों की जानकारी 2 जून, 2025 को दे दी गई थी।
इंडसइंड बैंक ने तब कहा था कि SFIO के अधिकारियों ने बैंक के प्रतिनिधियों के साथ टेलीफोन पर बातचीत की थी और इस मामले में औपचारिक लिखित कम्युनिकेशन का इंतजार है। बैंक ने कहा है कि वह इस मामले में लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियो का पूरा सहयोग कर रहा है। यह डिसक्लोजर बैंक की वेबसाइट पर भी अपलोड किया गया है।
बैंक ने इस जांच के पड़ने वाले किसी फाइनेंशियल असर के बारे में कुछ नहीं कहा है। इंडसइंड बैंक का शेयर 24 दिसंबर को 0.12 फीसदी गिरकर 848.90 रुपये पर बंद हुआ। 2025 में यह शेयर 12 फीसदी से ज्यादा गिरा है।