
Reliance Industries Shares: ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टैनली ने रिलायंस इंडस्ट्रीज को अपना ‘टॉप पिक’ बताते हुए इस पर भरोसा दोहराया है। ब्रोकरेज ने रिलायंस के शेयर पर ‘ओवरवेट’ की रेटिंग बरकरार रखी है और 1,803 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। यह गुरुवार के बंद भाव से करीब इसमें 28 प्रतिशत की संभावित बढ़त दिखाता है।
ब्रोकरेज का कहना है कि रिलायंस का अगले 7 सालों में 10 लाख करोड़ रुपये का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और उससे जुड़ी ऊर्जा आपूर्ति में निवेश, कंपनी की पूंजी आवंटन रणनीति में अगला बड़ा बदलाव है। यह निवेश पहले के टेलीकॉम और कंज्यूमर बिजनेस विस्तार जितना ही बड़ा माना जा रहा है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा दांव
योजना के अनुसार 120 मेगावॉट की शुरुआती क्षमता 2026 की दूसरी छमाही में शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा।
मॉर्गन स्टैनली का अनुमान है कि पहले 1 गीगावॉट चरण के लिए 12 से 15 अरब डॉलर का कैपिटल एक्सपेंडिचर लग सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि रिलायंस अपने मौजूदा बिजनेस से हर साल करीब 14 से 15 अरब डॉलर का ऑपरेटिंग कैश फ्लो पैदा करता है, जिससे इस निवेश को समर्थन मिल सकता है।
बेहतर रिटर्न की उम्मीद
ब्रोकरेज का मानना है कि प्रस्तावित ‘इंटेलिजेंस’ बिजनेस से कंपनी को पहले के बड़े निवेशों की तुलना में बेहतर रिटर्न मिल सकता है। अनुमान है कि टैक्स के बाद पूंजी पर रिटर्न 12 प्रतिशत से अधिक और अगले 5 सालों में इक्विटी पर रिटर्न करीब 18 प्रतिशत तक हो सकता है। यह टेलीकॉम और रिटेल बिजनेस से अधिक माना जा रहा है।
अंबानी ने इस निवेश को “धैर्यपूर्ण और अनुशासित पूंजी” बताया। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य भारत में स्वदेशी कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना और एआई सेवाओं की लागत कम करना है। रिलायंस और जियो अब केवल डेटा कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एआई आधारित सेवाओं को बड़े पैमाने पर उपलब्ध कराएंगे।
Jio प्लेटफॉर्म्स IPO से पहले फोकस
यह घोषणा जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित आईपीओ से पहले आई है। निवेशकों की नजर पूंजी आवंटन और लंबी अवधि के वैल्यू क्रिएशन पर टिकी है। जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यूएशन करीब 170 अरब डॉलर तक आंका जा चुका हैं।
शुक्रवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 0.68 प्रतिशत बढ़कर 1,419.10 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर 15.3 प्रतिशत चढ़ा है, जो निफ्टी की 11.7 प्रतिशत की तेजी से बेहतर प्रदर्शन है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 19.1 लाख करोड़ रुपये पहुंच चुका है।
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