
Reliance Industries Q3 preview : उम्मीद है कि दिसंबर तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड का प्रदर्शन स्टेबल रहेगा। कंपनी को उसके ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस में रिकवरी और टेलीकॉम और रिटेल सेगमेंट में लगातार बनी ग्रोथ से सपोर्ट मिलेगा। इन सेगमेंट्स की मजबूती से कंपनी के ऑयल और गैस एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन बिजनेस की कमजोरी की भरपाई करने में मदद मिलेगी। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि पिछले साल के मुकाबले रेवेन्यू और ऑपरेटिंग प्रॉफिट में मिड-सिंगल-डिजिट से लो-डबल-डिजिट ग्रोथ होगी। कंपनी के अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट में मिले-जुले परफॉर्मेंस के बीच नेट प्रॉफिट में मामूली बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
अर्निंग में मध्यम दर्जे ग्रोथ की उम्मीद
6 ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों के मीडियन से पता चलता है कि RIL का Q3 FY26 का तीसरी तिमाही का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 2.54 लाख करोड़ रुपये होने रह सकता है। जिसका मतलब है कि पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में इसमें लगभग 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कंपनी के EBITDA में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और ये लगभग 47,900 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं, कंपनी का कर बाद मुनाफा पिछले साल की तुलना में 4 प्रतिशत बढ़कर 19,200 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है।
अलग-अलग ब्रोकरेज की अलग-अलग राय
ब्रोकरेज फर्मों के अनुमानों में काफी अंतर है। अलग-अलग ब्रोकरेज कंपनी के रिफाइनिंग मार्जिन, पेट्रोकेमिकल स्प्रेड और कंज्यूमर बिजनेस में रिकवरी की रफ्तार के बारे में अलग-अलग अनुमान लगा रहे है। जहां कुछ ब्रोकरेज फर्मों को EBITDA और प्रॉफिट में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद है,वहीं कुछ को कम ग्रोथ की उम्मीद है। प्रॉफिट ग्रोथ के अनुमान पिछले साल के मुकाबले फ्लैट से लेकर 15% तक हैं।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।