
Q3 Results: टाटा ग्रुप की एग्री-सॉल्यूशंस कंपनी Rallis India Ltd ने मंगलवार, 20 जनवरी को तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजे जारी किए। कंपनी का शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 81.8 प्रतिशत गिरकर सिर्फ 2 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 11 करोड़ रुपये था।
रेवेन्यू और EBITDA में अच्छी बढ़त
Rallis India का मुनाफा भले ही दबाव में रहा हो, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन किया। Q3 में रेवेन्यू 19.3 प्रतिशत बढ़कर 623 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी अवधि में 522 करोड़ रुपये था।
EBITDA भी 31.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 58 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले यह 44 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 8.4 प्रतिशत से बढ़कर 9.3 प्रतिशत हो गया।
इस वजह से गिरा मुनाफा
Rallis India का एक्सेप्शनल आइटम्स से पहले प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) Q3 FY26 में बढ़कर 36 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 19 करोड़ रुपये था।
हालांकि, इस तिमाही में वेज कोड लागू होने के चलते अतिरिक्त ग्रेच्युटी प्रोविजन करना पड़ा। इसे एक्सेप्शनल आइटम्स के रूप में दर्ज किया गया। इसी वजह से नेट प्रॉफिट पर भारी दबाव देखने को मिला।
9 महीनों का प्रदर्शन कैसा रहा
31 दिसंबर 2025 को खत्म हुए नौ महीनों में Rallis India का कुल रेवेन्यू 9 प्रतिशत बढ़कर 2,441 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 18 प्रतिशत की बढ़त के साथ 362 करोड़ रुपये पहुंच गया, जिसे बेहतर ग्रॉस कंट्रीब्यूशन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का सपोर्ट मिला।
नौ महीनों की अवधि में एकमुश्त खर्च के बाद PBT 267 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में 227 करोड़ रुपये था। वहीं, PAT 26 प्रतिशत बढ़कर 199 करोड़ रुपये हो गया।
Q3 में सभी बिजनेस सेगमेंट्स से सपोर्ट
Q3 FY26 में कंपनी के बिजनेस को सभी सेगमेंट्स से मजबूत वॉल्यूम ट्रैक्शन मिला। क्रॉप केयर बिजनेस में बेहतर फील्ड एक्टिविटी, मजबूत कस्टमर एंगेजमेंट और प्रमुख प्रोडक्ट्स की मांग से अच्छी ग्रोथ देखने को मिली।
सीड्स बिजनेस ने भी बेहतर वॉल्यूम और अनुकूल सीजनल डिमांड के दम पर मजबूत प्रदर्शन किया। B2B बिजनेस में भी अहम अकाउंट्स से अच्छी ट्रैक्शन और लगातार कस्टमर एंगेजमेंट के चलते तेज वॉल्यूम ग्रोथ दर्ज हुई।
नए प्रोडक्ट और इनोवेशन पर जोर
तिमाही के दौरान Rallis India ने नया हर्बीसाइड Fateh Nxt™ लॉन्च किया। इसके अलावा, गेहूं के लिए तीन-तरफा हर्बीसाइड कॉम्बिनेशन को भारत में पेटेंट मिला। वहीं, Mesotrione प्रोसेस पेटेंट को अमेरिका में मंजूरी मिली। यह कंपनी के इनोवेशन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी पर मजबूत फोकस को दिखाता है।
Rallis India के मैनेजमेंट ने क्या कहा
Rallis India के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO डॉक्टर ज्ञानेंद्र शुक्ला ने कहा कि Q3 में सभी बिजनेस सेगमेंट्स में वॉल्यूम आधारित ग्रोथ देखने को मिली। उन्होंने बताया कि फोकस्ड एग्जीक्यूशन, मजबूत कस्टमर एंगेजमेंट और सख्त कॉस्ट मैनेजमेंट से कंपनी को सपोर्ट मिला।
उनके मुताबिक, डिमांड भले ही सीजनल उतार-चढ़ाव के चलते मध्यम रही हो, लेकिन कंपनी ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो, डिजिटल एंगेजमेंट और इनोवेशन पाइपलाइन को लगातार मजबूत किया है। आगे कंपनी का फोकस सेल्स की गुणवत्ता सुधारने, वॉल्यूम बढ़ाने और आने वाले सीजन के लिए तैयारी मजबूत करने पर रहेगा।
Rallis India के शेयरों का हाल
Rallis India के शेयर 20 जनवरी को बीएसई पर 4.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 229.75 रुपये पर बंद हुए। पिछले 6 महीने में स्टॉक 36.41% गिरा है। 1 साल में स्टॉक 14.61% नीचे आया है। रैलिस इंडिया का मार्केट कैप 4.48 हजार करोड़ रुपये है।
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