
पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस ने 29 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर 225 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 208 करोड़ रुपये का लॉस हुआ था।
कंपनी के शानदार नतीजों में हायर पेमेंट ट्रांजेक्शन वॉल्यूम, मर्चेंट सब्सक्रिप्शंस और फाइनेंशियल सर्विसेज के डिस्ट्रिब्यूशन रेवेन्यू का हाथ रहा। कंपनी को सितंबर तिमाही में 21 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। सरकार के रियल-मनी गेमिंग पर रोक लगा देने के बाद कंपनी को रियल-मनी गेमिंग में अपने निवेश को राइट-ऑफ करना पड़ा था।
दिसंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू 20 फीसदी बढ़कर 2,194 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 1,828 करोड़ रुपये था। इस वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 2,061 करोड़ रुपये था। नोएडा की इस कंपनी का फाइनेंशियल सर्विसेज से रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 34 फीसदी बढ़कर 672 करोड़ रुपये रहा। दिसंबर तिमाही में पेटीएम की फाइनेंशियल सर्विसेज का इस्तेमाल करने वाले कस्टमर्स की संख्या बढ़कर 7.1 लाख हो गई। यह सितंबर तिमाही में 5.9 लाख थी।
वन97 कम्युनिकेशंस के मार्जिन में भी इजाफा देखने को मिला। इसमें फेस्टिवल के दौरान ज्यादा सेल्स और डिफॉल्ट लॉस गारंटी (डीएलजी) के तहत लोअर लोन कॉस्ट डिस्ट्रिब्यूशन का हाथ रहा। डीएलजी के तहत पेटीएम को कलेक्शंस में गैप के लिए फंड ऐलोकेट करना पड़ता है। कंपनी का नेट पेमेंट रेवेन्यू साल दर साल आधार पर 25 फीसदी बढ़कर 613 करोड़ रुपये हो गया।
कंपनी ने मीडिया को जारी बयान में कहा है, “यूपीआई पर क्रेडिट कार्ड्स और ईएमआई जैसी ऑफरिंग्स सहित क्रेडिट कार्ड्स में ज्यादा ग्रोथ की वजह से पेमेंट प्रोसेसिंग मार्जिन में इजाफा जारी है।” पिछली तीन तिमाहियों में यूपीआई पेमेंट्स में पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी बढ़ी है। इसकी ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू 35 फीसदी बढ़ी है।
कंपनी का कैश बैलेंस करीब 13,000 करोड़ हो गया है, जिससे इसकी बैलेंसशीट को मजबूती मिली है। पेटीएम का शेयर 29 जनवरी को 0.44 फीसदी गिरकर 1,171.80 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 45 फीसदी चढ़ा है। 2026 में यह शेयर 9.28 फीसदी गिरा है।