Paytm ने अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट बिजनेस को PPSL में किया ट्रांसफर, इस कारण उठाया कदम – paytm transfers one97 transfers offline merchant payments business to subsidiary ppsl after rbi pa license



पेटीएम की पैरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड ने अपने ऑफलाइन मर्चेंट पेमेंट बिजनेस को अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम पेमेंट्स सर्विसेज लिमिटेड (PPSL) को ट्रांसफर कर दिया है। यह कदम PPSL को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से पेमेंट एग्रीगेटर (PA) का लाइसेंस मिलने के बाद उठाया गया है।

कंपनी ने शेयर बाजारों को भेजी जानकारी में कहा कि यह ट्रांसफर उसके इंटरनल रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया का एक अहम। इसका उद्देश्य पेमेंट बिजनेस को नियामकीय मानकों के मुताबिक एक ही इकाई के अंदर लाना है। पेटीएम का मानना है कि इससे कंपनी की कारोबारी दक्षता भी बढ़ेगी।

पेटीएम के पास फिलहाल करीब 1.4 करोड़ ऑफलाइन मर्चेंट्स हैं, जो इसके विभिन्न पेमेंट सब्सक्रिप्शन डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं। इनमें साउंडबॉक्स, पॉइंट-ऑफ-सेल मशीन और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे आदि शामिल है।

नए मर्चेंट्स को जोड़ने पर दोबारा जोर

RBI की मंजूरी के बाद PPSL अब नए मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करना फिर से शुरू कर सकेगी। इससे पहले RBI ने नवंबर 2022 में कंपनी को इस प्रक्रिया पर रोक लगाने का आदेश दिया था। पेटीएम की ताकत इसका मर्चेंट बिजनेस रहा है, जिसमें साउंडबॉक्स, पॉइंट ऑफ सेल मशीन और ऑनलाइन पेमेंट गेटवे बिजनेस शामिल हैं। पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस मिलने से Paytm के मर्चेंट पेमेंट बिजनेस को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

कंपनी ने यह भी बताया कि बिजनेस ट्रांसफर के साथ उसने अपने मैनेजमेंट के दो सीनियर अधिकारियों को भी PPSL में ट्रांसफर किया जा रहा है। इनमें कंपनी के ऑफलाइन पेमेंट्स के COO रिपुंजय गौड़ और पेमेंट्स के CTO दीपेंद्र सिंह राठौर शामिल हैं।

बुक वैल्यू पर हुआ ‘स्लम्प सेल’

यह ट्रांजैक्शन बुक वैल्यू के आधार पर ‘स्लम्प सेल’ के रूप में पूरा किया गया है। वन97 कम्युनिकेशंस को इसके बदले एकमुश्त नकद राशि मिली है। 31 मार्च 2025 तक इस बिजनेस की बुक वैल्यू करीब 960 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी। यह समझौता 28 नवंबर 2025 को पूरा हुआ और कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी के बाद 30 नवंबर 2025 की मध्यरात्रि से ट्रांसफर प्रभावी हो गया।

कंपनी ने साफ किया कि यह ट्रांसफर होल्डिंग कंपनी और उसकी 100% सहायक इकाई के बीच है, इसलिए न तो स्वामित्व में परिवर्तन होगा और न ही नियंत्रण में। आर्थिक लाभ अभी भी पूरी तरह वन97 कम्युनिकेशंस के पास रहेगा।

डिस्क्लेमरः Moneycontrol पर एक्सपर्ट्स/ब्रोकरेज फर्म्स की ओर से दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह उनके अपने होते हैं, न कि वेबसाइट और उसके मैनेजमेंट के। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई भी निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।



Source link

Scroll to Top