NSE IPO अगले 7 से 8 महीनों में दे सकता है दस्तक, SEBI से NOC हो गया है हासिल- MD & CEO – nse is looking at a seven to eight month timeline for ipo said md and ceo ashish chauhan



नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का IPO 7 से 8 महीने के अंदर आ सकता है। यह बात MD और CEO आशीष चौहान ने CNBC-TV18 की शिरीन भान को कही है। चौहान ने कहा कि NSE को IPO के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) से NOC यानि कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट मिल गया है। एक्सचेंज अब IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DHRP) पर काम कर रहा है। चौहान ने बताया कि IPO पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। इसका मतलब है कि इसमें नए शेयर जारी नहीं होंगे। NSE मौजूदा शेयरहोल्डर्स से शेयर लेने की प्रक्रिया में है।

DRHP तैयार करने में लगभग 3 से 4 महीने लगेंगे, जिसके बाद SEBI से मंजूरी मिलने में और 2 से 3 महीने लग सकते हैं। चौहान ने कहा, “कुल मिलाकर, हम अब से 7 से 8 महीने का टाइमलाइन देख रहे हैं।” यह भी कहा कि NSE इस साल के आखिर तक IPO लाने का लक्ष्य बना रहा है।

सरकार को वित्तीय रूप से रहना होगा जिम्मेदार

इस बीच बजट 2026 को लेकर उम्मीदों पर उन्होंने कहा कि हर साल उम्मीदें बढ़ती हैं। लेकिन केंद्र सरकार को वित्तीय रूप से जिम्मेदार रहना होगा। STT यानि कि सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स में कटौती की चर्चा पर उन्होंने कहा कि बजट में जो कुछ भी आएगा, वह NSE के लिए बिल्कुल ठीक होगा। NSE, बाजार हिस्सेदारी के मामले में देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसका IPO 8 साल से ज्यादा समय से पेंडिंग है। NSE ने दिसंबर 2016 में अपना IPO प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया था। पिछले साल अगस्त में, NSE ने अपने प्रस्तावित IPO के लिए SEBI से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट के लिए आवेदन किया था।

NSE में किसकी कितनी हिस्सेदारी

NSE में IFCI के पास स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SHCIL) में अपनी मेजॉरिटी ओनरशिप के जरिए लगभग 2.35 प्रतिशत की इनडायरेक्ट हिस्सेदारी है। बीमा कंपनियों लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 10.72 प्रतिशत, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के पास 1.64 प्रतिशत और द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के पास 1.42 प्रतिशत हिस्सेदारी है। SEBI को-लोकेशन केस में NSE की ओर से दाखिल सेटलमेंट याचिका को भी इन-प्रिंसिपल मंजूरी दे चुका है। NSE को-लोकेशन केस में आरोप था कि कुछ चुनिंदा ब्रोकर्स को एक्सचेंज के सिस्टम तक प्राथमिक पहुंच दी गई। लंबे कानूनी विवाद के बाद NSE ने 2025 में ₹1,388 करोड़ का भुगतान कर सेटलमेंट का प्रस्ताव रखा था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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