Nifty Target: भारत-US ट्रेड डील से झूमा शेयर बाजार, एक्सपर्ट्स बोले- निफ्टी इस साल छू लेगा 30,000 का स्तर – nifty target 2026 india us trade deal boosts stock market experts see 30000 level this year



India-US Trade Deal: क्या निफ्टी अब 30,000 के ऐतिहासिक स्तर की ओर बढ़ चुका है? भारत-अमेरिका ट्रेड डील के ऐलान के बाद जिस तरह से बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली है, उसने निवेशकों की सोच ही बदल दी है। सेंसेक्स 2,400 अंकों से ज्यादा उछल गया। वहीं निफ्टी 25,800 के पार निकल गया। और अब ग्लोबल ब्रोकरेज से लेकर घरेलू मार्केट एक्सपर्ट तक, सब एक ही सवाल पर चर्चा कर रहे हैं… “क्या ये सिर्फ रैली है या एक नया सुपर साइकल?”

शेयर बाजार में आज क्या हुआ?

भारतीय शेयर बाजारों में आज 3 फरवरी को भारी तेजी देखने को मिली। दोपहर 12 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 3 प्रतिशत की तेजी के साथ 84,100 के ऊपर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 740 अंकों की उछाल के साथ 25,800 के पार कारोबार करता दिखा। ये तेजी सिर्फ कुछ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं थी। बैंकिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल, कैपिटल गुड्स, और खासकर एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। बाजार की इस चाल ने साफ संकेत दे दिया, कि सेटीमेंट अब पूरी तरह से बदल चुका है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील में ऐसा क्या है?

इसके लिए असल गेम-चेंजर बना भारत और अमेरिका के बीच हुआ ट्रेड डील। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद सोशल मीडिया पर ऐलान किया कि अब भारतीय सामानों पर अमेरिका में लगने वाला टैरिफ 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत के बाद लिया गया। ट्रंप ने इस ट्रेड डील को भारत के साथ दोस्ती और आपसी सम्मान का नतीजा बताया।

अब जरा समझिए इसका मतलब क्या है? पिछले कई महीनों से भारतीय शेयर बाजार पर एक बड़ा अनिश्चितता का बादल मंडरा रहा था। अमेरिका से टैरिफ बढ़ने का डर, ट्रेड डील में देरी, और लगातार विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने शेयर मार्केट की चाल एक तरह से रोके रखा था। लेकिन अब इस डील के साथ बाजार की सबसे बड़ी रुकावट हट चुकी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह सिर्फ टैरिफ में कटौती नहीं है, बल्कि भारत को ग्लोबल सप्लाई चेन में एक मजबूत खिलाड़ी बनाने का संकेत है।

बाजार क्यों भाग रहा है?

मार्केट एक्सपर्ट अरुणागिरी के मुताबिक, भारत-अमेरिका डील ने एक लंबे समय से लटकती अनिश्चितता को खत्म कर दिया है। यह अनिश्चितता निवेशकों के भरोसे और जोखिम लेने के सेंटीमेंट पर असर डाल रही थी और इसके ठीक होने से जल्द ही राहत मिलेगी। उनका कहना है कि “अब बाजार के लिए असली सवाल यह है कि डील के बाद आगे क्या होता है और भारत की ग्रोथ कितनी तेज होगी।”

उनके मुताबिक तीन बड़े फैक्टर इस समय शेयर बाजार को सपोर्ट कर रहे हैं। पहला रुपये की मजबूती। लंबे समय बाद रुपये में रिकवरी देखने को मिल रही है, जो विदेशी निवेशकों के लिए बड़ा पॉजिटिव संकेत है। दूसरा, FY27 में कॉरपोरेट अर्निंग्स की मजबूत रिकवरी की उम्मीद। और तीसरा-स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स।

अरुणागिरी ने कहा इन सब पहलुओं को देखते हुए बाजार का मीडियम टर्म आउटलुक अब काफी पॉजिटिव लग रहा है और हमें लगता है कि यह समय बाजार के लिए बहुत अनुकूल है। खासकर स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों के लिए

JP Morgan का बड़ा दावा

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर। शेयर बाजार अब यहां से कितना ऊपर जा सकता है? ग्लोबल ब्रोकरेज JP Morgan ने निफ्टी के लिए अपना 30,000 का टारगेट दोहराया है। ब्रोकेरज का कहना है कि इसी साल यानी 2026 के अंत निफ्टी इस स्तर को छू सकता है। मतलब आज के स्तर से करीब 20 प्रतिशत की और तेजी।

JP Morgan का कहना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील से विदेशी निवेश बढ़ सकता है, रुपया मजबूत रह सकता है, और एक्सपोर्ट-से जुड़े सेक्टर्स की कमाई में बेहतर विजिबिलिटी आ सकती है। ब्रोकरेज का मानना है कि टेक्सटाइल, जेम्स एंड ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स, केमिकल्स, लेदर और फुटवियर जैसे सेक्टर्स इस डील के सबसे बड़े फायदे में रहेंगे। इतना ही नहीं, IT और फार्मा जैसे सेक्टर्स में भी रिस्क प्रीमियम घटने से रीबाउंड देखने को मिल सकता है।

क्या 30,000 अब हकीकत है?

मार्केट एक्सपर्ट हर्षल दसानी का कहना है कि अब निफ्टी के लिए साल के अंत तक ज्यादा “महत्वकांक्षी टारगेट” पर चर्चा हो सकती है। उनके मुताबिक, भारत-यूएस ट्रेड डील के अलावा कई और भी फैक्टर्स बाजार की चाल को सपोर्ट करेंगे। भारत ने पिछले एक साल में कई देशों के साथ ट्रेड एग्रीमेंट साइन की है। इससे भारत एक्सपोर्ट आउटलुक मजबूत हुआ है। घरेलू स्तर पर ग्रोथ अब भी कंजम्प्शन-ड्रिवन है। ब्याज दरों में कटौती, टैक्स में राहत, और महंगाई पर काबू, इन सबका असर डिस्क्रेशनरी खर्च में दिख रहा है।

उनका कहना है कि अगर भारत की ग्रोथ रेट बनी रहती है और ग्लोबल हालात बिगड़ते नहीं हैं, तो निफ्टी के लिए 30,000 का टारगेट अब कोई असंभव आंकड़ा नहीं रह गया है। हालांकि सभी एक्सपर्ट्स एक बात पर सहमत हैं कि ये सफर सीधा नहीं होगा।

क्या बीच में कंसोलिडेशन आएगा?

टेक्निकल एक्सपर्ट जिगर पटेल का मानना है कि अभी निफ्टी कुछ समय के लिए 25,500 से 26,300 के दायरे में कंसोलिडेट कर सकता है। उनके मुताबिक 26,400 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट अगली बड़ी रैली का ट्रिगर बनेगा और ये निफ्टी को मीडियम टर्म में 28,500 तक ले जा सकता है। जबकि नीचे की ओर 24,500 एक मजबूत सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 26,400 मुख्य रेजिस्टेंस जोन है। यानी कुल मिलाकर बाजार का स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन शॉर्ट-टर्म में कीमतें किसी नए ट्रेंड से पहले एक रेंज में घूम सकती हैं।

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