
Nifty Outlook: मंगलवार को शेयर बाजार में लगातार दूसरे सत्र भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी अपने अहम सपोर्ट लेवल 26,200 के नीचे फिसल गया। यह गिरावट ऐसे समय आई, जब एक दिन पहले ही इंडेक्स ने नया लाइफटाइम हाई बनाया था और उसके बाद मुनाफावसूली हावी हो गई।
अब बुधवार, 7 जनवरी को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, उससे पहले जान लेते हैं कि मंगलवार को बाजार में क्या खास हुआ।
शुरुआती उछाल, फिर तेज बिकवाली
कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी ने पहले घंटे में जोरदार रिकवरी दिखाई और 129 अंक चढ़कर 26,273 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। हालांकि यह तेजी टिक नहीं पाई।
दोपहर बाद बिकवाली का दबाव फिर लौट आया और इंडेक्स दिन के ऊपरी स्तर से करीब 150 अंक टूटकर 2:30 बजे के आसपास 26,124 के इंट्राडे लो तक फिसल गया। कारोबार के अंत में निफ्टी 74 अंक की गिरावट के साथ 26,175 पर बंद हुआ।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
निफ्टी के शेयरों में Apollo Hospitals, ICICI Bank और Tata Consumer सबसे ज्यादा बढ़ने वाले स्टॉक्स रहे। वहीं Trent, Reliance Industries और Kotak Bank में मुनाफावसूली देखने को मिली और ये शेयर टॉप लूजर्स की सूची में रहे।
सेक्टरल परफॉर्मेंस मिला-जुला
सेक्टरल स्तर पर बाजार का रुख मिला-जुला रहा। हेल्थकेयर, फार्मा और PSU बैंकिंग सेक्टर में मजबूती देखने को मिली। इसके उलट ऑयल एंड गैस, मीडिया और केमिकल सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव रहा।
ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क्स का साथ दिया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.19 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
ग्लोबल संकेतों पर रहेगी नजर
आने वाले सत्रों में निवेशकों की नजर अहम ग्लोबल डेटा पर रहेगी। इनमें अमेरिका का S&P Global Composite PMI, यूरोजोन CPI, ADP नॉन-फार्म एम्प्लॉयमेंट डेटा और JOLTS जॉब ओपनिंग्स शामिल हैं।
आगे कैसी रहेगी बाजार की चाल
मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, मजबूत Q3 बिजनेस अपडेट्स और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच खींचतान बनी हुई है। इसी वजह से निकट भविष्य में बाजार के साइडवेज या रेंज-बाउंड दायरे में कारोबार करने की संभावना बनी रह सकती है।
निफ्टी पर क्या है एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी का मानना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी 26,100 के आसपास मौजूद सपोर्ट से उछाल दिखाने की कोशिश कर सकता है। उनके मुताबिक, ऊपर की ओर 26,400 के पास मजबूत रेजिस्टेंस देखने को मिल सकता है।
Centrum Broking के नीलेश जैन के अनुसार, निफ्टी के लिए 21 दिन का मूविंग एवरेज करीब 26,020 पर अहम सपोर्ट का काम कर रहा है। जब तक इंडेक्स इस स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक 26,250 से 26,300 के जोन तक पुलबैक की संभावना बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि वोलैटिलिटी इंडेक्स अब भी 10 के नीचे है, जो बुल्स के लिए अनुकूल माहौल दिखाता है।
रेंज-बाउंड रह सकता है बाजार
LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी को इंट्राडे आधार पर 26,100 के आसपास सपोर्ट मिल रहा है और नजदीकी अवधि में यह रेंज-बाउंड रह सकता है। अगर बुल्स इंडेक्स को 26,300 के ऊपर ले जाने में कामयाब होते हैं, तो एक टिकाऊ तेजी देखने को मिल सकती है। नीचे की ओर 26,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है।
HDFC Securities के नंदीश शाह के मुताबिक, भले ही नजदीकी अवधि में कुछ कमजोरी दिख रही हो, लेकिन व्यापक पोजिशनल ट्रेंड अब भी बुलिश बना हुआ है। निफ्टी अभी भी उन अहम मूविंग एवरेज के ऊपर कारोबार कर रहा है, जिन्होंने हाल के हफ्तों में लगातार सपोर्ट दिया है। उन्होंने कहा कि हालिया स्विंग हाई 26,373 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा। वहीं, 26,100 शॉर्ट टर्म के लिए अहम सपोर्ट है।
बैंक निफ्टी ने दिखाई मजबूती
मंगलवार को बैंक निफ्टी ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया और हल्की अपर शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई। SBI Securities के सुदीप शाह के मुताबिक, 60,400 से 60,500 का दायरा बैंक निफ्टी के लिए बड़ा रुकावट क्षेत्र रहेगा।
उन्होंने कहा कि अगर इंडेक्स 60,500 के ऊपर टिकता है, तो शॉर्ट टर्म में 61,100 और उसके बाद 61,600 तक की तेजी का रास्ता खुल सकता है। नीचे की ओर 59,700 से 59,600 का जोन अहम सपोर्ट है।
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