
Nifty Outlook: मंगलवार के कारोबार में शेयर बाजार को बड़ा झटका लगा। निफ्टी 50 में तेज गिरावट देखने को मिली। इंडेक्स अपने अहम सपोर्ट लेवल्स के नीचे फिसल गया। कारोबार के दौरान निफ्टी 200 दिन के मूविंग एवरेज की तरफ फिसलता दिखा, जो करीब 25,100 के आसपास माना जा रहा है।
अब बुधवार, 21 जनवरी को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि मंगलवार के कारोबारी सत्र में क्या खास हुआ।
2025 के बाद सबसे निचली क्लोजिंग
निफ्टी लगातार दूसरे सत्र में गिरा और 353 अंक यानी 1.41 प्रतिशत टूटकर 25,232 के स्तर पर बंद हुआ। यह 14 अक्टूबर 2025 के बाद का सबसे निचला क्लोजिंग लेवल है। इतना ही नहीं, 13 मई 2025 के बाद एक दिन में आई यह सबसे बड़ी गिरावट भी रही।
इस तेज बिकवाली का असर निवेशकों की जेब पर साफ दिखा। साल 2026 में अब तक बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट चुका है। यानी कुछ ही हफ्तों में निवेशकों की बड़ी रकम बाजार से साफ हो गई।
निफ्टी में गिने-चुने शेयर ही टिक पाए
पूरे निफ्टी पैक में गिरावट हावी रही। सिर्फ डॉ रेड्डीज, टाटा कंज्यूमर और एचडीएफसी बैंक ही ऐसे शेयर रहे, जो दिन के अंत में हरे निशान में बंद होने में कामयाब रहे।
इसके उलट अदाणी एंटरप्राइजेज, बजाज फाइनेंस और जियो फाइनेंशियल सर्विसेज सबसे ज्यादा दबाव में रहे और दिन के बड़े लूजर साबित हुए।
हर सेक्टर में बिकवाली, कोई भी नहीं बचा
बाजार की कमजोरी सिर्फ कुछ शेयरों तक सीमित नहीं रही। सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।
रियल्टी, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली। ये तीनों सेक्टर दिन के सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे।
मिडकैप और स्मॉलकैप में ज्यादा दर्द
ब्रॉडर मार्केट में गिरावट और भी तेज रही। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 2.62 प्रतिशत टूट गया। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 2.85 प्रतिशत की भारी गिरावट देखने को मिली। इससे साफ है कि छोटे और मझोले शेयरों में निवेशकों की घबराहट ज्यादा रही।
डॉलर के मुकाबले रुपये पर भी दबाव
शेयर बाजार के साथ-साथ भारतीय रुपये पर भी दबाव बना रहा। रुपया डॉलर के मुकाबले 6 पैसे कमजोर होकर 90.97 के स्तर पर बंद हुआ।
हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया रुपये को संभालने की कोशिश करता रहा। लेकिन, कमजोर डॉलर इनफ्लो, अटकी हुई ट्रेड बातचीत और कॉरपोरेट्स व इम्पोर्टर्स की लगातार डॉलर डिमांड के चलते रुपये में गिरावट जारी रही।
बाजार की धारणा क्यों कमजोर है
फिलहाल बाजार का मूड कमजोर बना हुआ है। एक तरफ भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों की चिंता बढ़ा रहे हैं, तो दूसरी तरफ चालू तिमाही का रिजल्ट सीजन भी अब तक बाजार की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया है। इन दोनों वजहों से निवेशक जोखिम लेने से बचते दिख रहे हैं।
टेक्निकल संकेत क्या इशारा कर रहे हैं
टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी ने सत्र के दौरान 25,473 का अहम स्विंग लो निर्याणक तौर पर तोड़ दिया है। अब इंडेक्स अपने आखिरी बड़े सपोर्ट जोन के पास कारोबार कर रहा है।
फिलहाल 200 दिन का EMA करीब 25,160 और 200 दिन का SMA करीब 25,113 के आसपास है। अगर ये लेवल्स भी टूटते हैं, तो बाजार पर दबाव और बढ़ सकता है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की क्या राय है
HDFC सिक्योरिटीज के नंदीश शाह का कहना है कि निफ्टी में सभी टाइमफ्रेम पर बेयरिश ट्रेंड की साफ पुष्टि हो चुकी है। उनके मुताबिक, अगर निफ्टी 200 दिन के मूविंग एवरेज के नीचे लगातार बना रहता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है।
शाह के मुताबिक, ऐसे में निफ्टी 24,800 से 24,900 के जोन तक फिसल सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि पहले जो 25,470 से 25,500 का दायरा सपोर्ट था, वह अब किसी भी उछाल या पुलबैक पर रेजिस्टेंस की तरह काम करेगा।
संस्थागत बिकवाली से बियर्स का दबदबा
एलकेपी सिक्योरिटीज के रूपक डे ने कहा कि बाजार पर बेयर्स का कंट्रोल दोबारा मजबूत हो चुका है। इसकी बड़ी वजह लगातार हो रही मजबूत संस्थागत बिकवाली और ट्रांसअटलांटिक ट्रेड टेंशन बनी रहना है।
उनके मुताबिक, सपोर्ट लेवल फिलहाल काफी कमजोर नजर आ रहे हैं। टेक्निकल इंडिकेटर्स अभी भी बेयरिश क्रॉसओवर में हैं और धीरे-धीरे ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहे हैं।
रूपक डे के अनुसार, निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 25,100 से 25,150 के बीच है। अगर यह जोन टिक जाता है, तो यहां से हल्का पुलबैक देखने को मिल सकता है।
रिकवरी मुमकिन, लेकिन ट्रेंड अभी भी कमजोर
सेंट्रम ब्रोकिंग के नीलेश जैन का कहना है कि शॉर्ट टर्म में निफ्टी में हल्की रिकवरी से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, उनका साफ कहना है कि जब तक निफ्टी निर्णायक रूप से 25,580 के ऊपर वापस नहीं जाता, तब तक ओवरऑल बेयरिश सेटअप बना रहेगा।
नीलेश जैन ने चेतावनी दी कि अगर निफ्टी 25,100 के नीचे टूटता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है और इंडेक्स सीधे 24,800 के स्तर की ओर फिसल सकता है।
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