Nifty Outlook: निफ्टी ऑल-टाइम हाई 3% नीचे, अब 20 जनवरी को कैसी रहेगी चाल? जानिए एक्सपर्ट से – nifty outlook down 3 percent from all time high what to expect on january 20 expert views on support and resistance levels



Nifty Outlook: सोमवार को थोड़ी देर की राहत के बाद निफ्टी ने दोबारा गिरावट का रास्ता पकड़ लिया। इंडेक्स 108 अंकों की गिरावट के साथ 25,585 पर बंद हुआ। मौजूदा करेक्शन के दौरान यह निफ्टी का अब तक का सबसे निचला स्तर है। निफ्टी अब अपने ऑल-टाइम हाई 26,373 से करीब 3 प्रतिशत नीचे आ चुका है। यानी बाजार में करेक्शन धीरे-धीरे गहराता नजर आ रहा है।

अब मंगलवार, 20 जनवरी को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी, कौन से लेवल अहम रहेंगे, इसे एक्सपर्ट से समझेंगे। लेकिन, पहले जान लेते हैं कि सोमवार को बाजार में क्या खास हुआ।

निफ्टी पर शुरू से दिखा दबाव

निफ्टी ने सोमवार को 40 अंकों के गैप-डाउन के साथ कारोबार की शुरुआत की। ओपनिंग के तुरंत बाद तेज बिकवाली देखने को मिली। बीच में हल्की रिकवरी जरूर आई, लेकिन इंडेक्स ज्यादातर समय सीमित दायरे में ही घूमता रहा और आखिर में दिन के निचले स्तरों के आसपास बंद हुआ।

कमजोर तिमाही नतीजों ने बढ़ाया दबाव

इस गिरावट की बड़ी वजह इंडेक्स के दिग्गज शेयरों के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। निफ्टी अहम 25,600 के स्तर के ऊपर टिक नहीं पाया। Reliance Industries और ICICI Bank इस गिरावट में सबसे बड़े ड्रैग साबित हुए।

30 से ज्यादा शेयर लाल निशान में

निफ्टी के 30 से ज्यादा शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। Wipro, Reliance Industries, Eternal और ICICI Bank टॉप लूजर्स में शामिल रहे। FMCG और ऑटो सेक्टर को छोड़ दें, तो बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए।

ब्रॉडर मार्केट ने भी बेंचमार्क की कमजोरी का साथ दिया। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.37 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 1 प्रतिशत टूट गया।

नतीजों पर स्टॉक्स में तेज उतार-चढ़ाव

सोमवार के सत्र में नतीजों के चलते स्टॉक-स्पेसिफिक हलचल काफी तेज रही। Wipro के शेयर 9 प्रतिशत से ज्यादा टूट गए। वहीं Reliance Industries में 3.5 प्रतिशत, ICICI Bank में 3.4 प्रतिशत और HDFC Bank में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली।

IMF ने भारत की ग्रोथ का अनुमान बढ़ाया

मैक्रो फ्रंट पर राहत की खबर भी आई। International Monetary Fund (IMF) ने भारत के ग्रोथ आउटलुक को बेहतर किया है। IMF ने FY26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.3 प्रतिशत कर दिया है, जो अक्टूबर के अनुमान से 70 बेसिस पॉइंट ज्यादा है। FY27 के लिए ग्रोथ अनुमान 6.4 प्रतिशत रखा गया है, जो पहले 6.2 प्रतिशत था।

आगे साइडवेज रह सकता है बाजार

आगे आने वाले सत्रों में बाजार के साइडवेज रहने की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशकों की नजर ग्लोबल संकेतों और कॉरपोरेट नतीजों पर रहेगी। मोतीलाल ओसवाल के सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक, अगर भू-राजनीतिक मोर्चे पर तनाव बढ़ता है, तो यह बाजार के लिए बड़ा जोखिम बना रह सकता है।

टेक्निकल नजरिए से अब भी कमजोरी

टेक्निकल चार्ट पर निफ्टी पूरे सत्र के दौरान अपने 20-दिन के EMA से नीचे बना रहा। इंट्राडे वोलैटिलिटी बनी रही और हर तेजी पर बिकवाली देखने को मिली, जिससे साफ है कि फिलहाल बाजार पर मंदी का दबाव कायम है।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि अगर निफ्टी 25,500 के अहम सपोर्ट के पास से टिकाऊ रिकवरी दिखाता है, तो शॉर्ट टर्म में बाजार में उछाल आ सकता है। हालांकि, अगर यह स्तर निर्णायक तौर पह टूटता है, तो कमजोरी बढ़कर 25,200 तक जा सकती है, जो 200-डे EMA के आसपास है।

LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि निफ्टी निकट अवधि में और नीचे फिसल सकता है। उनके मुताबिक, नीचे की ओर 25,200 के आसपास सपोर्ट दिखता है, जबकि ऊपर की तरफ 25,700 के पास रेजिस्टेंस बना हुआ है।

वहीं HDFC Securities के ही नंदीश शाह ने कहा कि अगर निफ्टी 25,473 के नीचे मजबूती से टूटता है, तो मौजूदा कंसोलिडेशन रेंज खत्म हो जाएगी। फिर गिरावट तेज होकर अगले बड़े सपोर्ट 25,318 तक जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 25,865 के आसपास है।

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