Nifty-Bank Nifty trend : 24850–24800 सपोर्ट टूटने पर निफ्टी में 24300 तक की गिरावट मुमकिन, बैंक निफ्टी में भी बेयरिश रुझान कायम – nifty trend if the support level of 24850 24800 is broken a fall in nifty to 24300 is possible bearish trend also continues in bank nifty



सुदीप शाह

Nifty-Bank Nifty trend: निफ्टी ने आज सेशन के शुरुआती कुछ घंटे डिक्रीजिंग ट्रायंगल पैटर्न में बिताए,जिसके बाद आए ब्रेकडाउन से पूरे दिन लगातार बिकवाली का दबाव बना रहा। इंडेक्स ने डेली चार्ट पर एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 200-डे EMA के अपने अहम लॉन्ग-टर्म सपोर्ट से नीचे बंद हुआ। मोमेंटम इंडिकेटर्स कमजोर होते जा रहे हैं, RSI 30 के निशान से नीचे फिसल गया है। ये ओवरसोल्ड स्थितियों का संकेत है। जबकि बढ़ता हुआ ADX बेयरिश ट्रेंड की बढ़ती तेजी को दिखाता है।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर नजर डालें तो कोई भी सेक्टर दिन के आखिर में हरे निशान में बंद नहीं हुआ। दूसरी ओर, निफ्टी रियल्टी और मीडिया टॉप दो सेक्टोरल लूज़र रहे, दोनों में 2.5% से ज़्यादा की गिरावट आई। शेयरों की बात करें तो डॉ. रेड्डी और ONGC निफ्टी पैक में टॉप स्टॉक गेनर रहे। जबकि अदानी पोर्ट्स और अदानी एंटरप्राइजेज दो टॉप लूज़र रहे।

मिडकैप इंडेक्स ने काफी हद तक निफ्टी के मुताबिक ही प्रदर्शन किया। इंडेक्स अपने 200-डे EMA से नीचे बंद हुआ और 55,660 (29 अगस्त 2025) और 56,196 (30 सितंबर 2025) के स्विंग लो को जोड़ने वाली ऊपर की ओर अपवर्ड स्लोपिंग ट्रेंडलाइन से भी नीचे गिर गया। यह गिरावट मीडियम-टर्म स्ट्रक्चर में नुकसान और बढ़ते डाउनसाइड रिस्क का संकेत देती है।

स्मॉलकैप इंडेक्स के लिए, 16782 (9 दिसंबर) का पिछला सपोर्ट अब एक मज़बूत रेजिस्टेंस ज़ोन बन गया है। इंडेक्स ने इस लेवल को फिर से पाने की कोशिश की लेकिन इसके ऊपर टिक नहीं पाया, जिससे दोबारा बिकवाली का दबाव बढ़ा। आखिरकार यह नीचे गिरकर 16,400 से नीचे बंद हुआ। इस शॉर्ट टर्म में बाजार में सतर्कता बने रहने के संकेत मिल रहे हैं।

बाजार की स्थिति खराब हो गई है। दिन के आखिर में एडवांस-डिक्लाइन रेश्यो बियर्स के पक्ष में बहुत ज़्यादा झुका हुआ रहा। निफ्टी 500 इंडेक्स में से कुल 426 स्टॉक गिरावट के साथ बंद हुए हैं।

निफ्टी व्यू

अब निफ्टी के लिए 24,850–24,800 के ज़ोन में अहम सपोर्ट दिख रहा है, जो 24,338 (8 अगस्त) और 24,405 (29 अगस्त) के स्विंग लो को जोड़ने वाली अपवर्ड ट्रेंडलाइन से मेल खाता है। इस ज़ोन से नीचे निर्णायक ब्रेकडाउन होने पर निफ्टी में कमज़ोरी बढ़ सकती है और यह 24,500 तक जा सकता है। इसके बाद शॉर्ट टर्म में इसमें 24,300 तक का लेवल भी मुमकिन है। ऊपर की तरफ, 25,250–25,300 ज़ोन के एक मज़बूत रेजिस्टेंस एरिया के रूप में काम करने की उम्मीद है,जो किसी भी पुलबैक की कोशिशों को सीमित करेगा।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंक निफ्टी पहले कुछ घंटों के दौरान एक छोटी साइडवेज़ रेंज में ट्रेड करता रहा, फिर सेलिंग प्रेशर के आगे झुक गया और इंट्राडे बेसिस पर नीचे चला गया। आखिरकार यह 58,500 के लेवल से नीचे बंद हुआ। डेली चार्ट पर, इंडेक्स अपने 50-डे EMA से नीचे फिसल गया है, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमजोरी को दिखाता है। खास बात यह है कि MACD अक्टूबर 2025 के बाद पहली बार ज़ीरो लाइन से नीचे चला गया है, जो बेयरिश रुझान को और मज़बूत करता है।

बैंक निफ्टी के लिए 58,100–58,000 के ज़ोन में तत्काल सपोर्ट दिख रहा है,जो इसका 100-डे EMA भी है। यह जोन अब अहम डिमांड एरिया बन गया है। इस ज़ोन के नीचे की गिरावट 57,500 की ओर और गिरावट का रास्ता खोल सकती है, जिसके बाद शॉर्ट टर्म में इंडेक्स 57,000 तक फिसल सकता है। ऊपर की तरफ, 58,900–59,000 ज़ोन एक मज़बूत रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है,जिससे रिकवरी की कोई भी कोशिश सीमित रहेगी।

सुदीप शाह,टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड -एसबीआई सिक्योरिटीज

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