
Share Market Falls: भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार 14 नवंबर को गिरावट के साथ कारोबार करते देखे गए। ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बिहार चुनाव नतीजों से पहले बढ़ी सतर्कता ने निवेशकों के सेंटीमेंट को कमजोर किया। शुरुआती रुझान भले ही बिहार में एनडीए की भारी जीत की ओर इशारा कर रहे हों, लेकिन दलाल स्ट्रीट पर इसका कुछ खास असर नहीं दिखाई दिया।
सुबह 11:43 बजे के करीब, सेंसेक्स 304.71 अंक या 0.36% गिरकर 84,173.96 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 90.25 अंक या 0.35% टूटकर 25,788.90 पर कारोबार कर रहा था। निफ्टी पर इंफोसिस, आयशर मोटर्स और टाटा स्टील जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 3 पर्सेंट तक लुढ़क गए।
शेयर बाजार में आज की इस गिरावट के पीछे 5 बड़ी वजहें रहीं-
1. बिहार चुनाव नतीजों से पहले बढ़ी वोलैटिलिटी
शयेर बाजार के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर आज बिहार चुनाव का रिजल्ट है, जिसके कारण निवेशक सतर्क दिखाई दे रहे हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने बताया, “शेयर बाजार में आज कारोबार बिहार चुनाव पर केंद्रित रहेगा, लेकिन नतीजों का असर अस्थायी होगा। लंबी अवधि में शेयर बाजार की चाल कंपनियों की कमाई और GDP ग्रोथ से तय होगी।”
ब्रोकरेज फर्म इनक्रीड रिसर्च ने चेतावनी दी है कि अगर नतीजे एग्जिट पोल से हटकर आए, तो शेयर बाजार में 5–7% तक की गिरावट देखने को मिल सकती है।
2. ग्लोबल बाजारों से मिले कमजोर संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार गुरुवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे, जिससे भारतीय बाजार का मूड बिगड़ा। नैस्डेक 2.3%, S&P 500 इंडेक्स 1.7% और डाउ जोन्स इंडेक्स 1.7% की गिरावट के साथ बंद हुआ। एनवीडिया (Nvidia) समेत सभी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई। फेडरल रिजर्व बैंक अधिकारियों के हालिया बयान से दिसंबर में रेट कट की उम्मीद और कमजोर पड़ी, जिससे आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
एशियाई शेयर बाजार भी लाल निशान में रहे। साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.2%, जापान का निक्केई इंडेक्स 1.7% और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.4 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। चीन का SSE कंपोजिट इंडेक्स भी 0.16% की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
3. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव शुक्रवार को 2.71% बढ़कर 60.28 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। तेल की कीमतों में उछाल भारत जैसे बड़े खरीदारी देशों के लिए नेगेटिव संकेत क्योंकि इससे देश के न सिर्फ इंपोर्ट बिल में इजाफा होता है, बल्कि महंगाई के मोर्चे पर भी दबाव बढ़ता है।
4. विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने गुरुवार को 383.68 करोड़ रुपये की बिकवाली की। पिछले 4 दिनों से विदेशी निवेशक लगातार शेयर बाजार से पैसे निकाल रहे हैं। इसके चलते बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव बना हुआ है।
5. इंडिया VIX में उछाल
शेयर बाजार में मौजूदा अस्थिरता का संकेत देने वाला इंडिया वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) शुक्रवार को 1% से अधिक बढ़कर 12.30 पर पहुंच गया। VIX में बढ़ोतरी संकेत देती है कि शेयर बाजार आने वाले समय में उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है, जिससे ट्रेडर्स सतर्क रूख अपनाते हैं।
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