
Meesho Share Price: निफ्टी की वीकली एक्सपायरी के दिन घरेलू मार्केट में काफी उठा-पटक है तो वैश्विक मार्केट से बिकवाली के दबावों से भी इसे झटका लग रहा है। वहीं दूसरी तरफ दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी मीशो के शेयरों ताबड़तोड़ स्पीड से निवेशकों की झोली भर रहे हैं। आज के कमजोर मार्केट में भी यह 13% से अधिक उछल गया और इस तेजी के साथ इसके शेयर आईपीओ निवेशकों की महज पांच कारोबारी दिनों में 74% से अधिक कमाई करा चुके हैं। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया और मुनाफावसूली के चलते अधिकतर तेजी गायब हो गई। फिलहाल बीएसई पर यह 6.50% की बढ़त के साथ ₹181.85 पर है। इंट्रा-डे में यह 13.32% उछलकर ₹193.50 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था। इसके ₹111 के शेयर 10 दिसंबर को लिस्ट हुए थे।
Meesho vs Nifty 50: 5 कारोबारी दिन कैसी रही चाल
सस्ता सामान बेचने वाली मीशो के शेयर 10 दिसंबर को लिस्ट हुए थे। इसके ₹111 के शेयर 46% प्रीमियम पर एंट्री के बाद बीएसई पर पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर ₹170.20 यानी आईपीओ प्राइस के मुकाबले 53.33% की बढ़त के साथ बंद हुए। उस दिन निफ्टी 0.32% कमजोर हुआ था। अगले दिन यानी 11 दिसंबर को निफ्टी 0.55% ऊपर चढ़ा तो मुनाफावसूली के चलते मीशो 1.73% कमजोर हुआ। अगले कारोबारी दिन फिर 12 दिसंबर को मीशो 1.23% फिसला लेकिन निफ्टी 0.57% मजबूत हुआ। फिर उसके बाद मीशो के शेयर 15 दिसंबर को 3.36% बढ़त के साथ बंद हुए जबकि निफ्टी 50 सोमवार को 0.08% की हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। अब आज निफ्टी 50 फिर कमजोर है और मीशो रॉकेट बना है।
Meesho के बारे में
वर्ष 2015 में बनी मीशो एक मल्टी-साइडेड टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म ड्राइविंग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म है। यह कंज्यूमर्स, सेलर्स, लॉजिस्टिक्स पार्टनर्स और कंटेंट क्रिएटर्स को जोड़ती है। कंज्यूमर्स को यह सस्ते भाव पर प्रोडक्ट्स का एक्सेस देती तो सेलर्स को भी अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए सस्ता प्लेटफॉर्म मुहैया कराती है। इसका ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो ब्रांड नाम से चलता है। यह ई-कॉमर्स सेगमेंट में तेजी से उभरती कंपनी है, जिसने बहुत कम समय में एमेजॉन (Amazon) और फ्लिपकार्ट (Flipkart) जैसे दिग्गजों को टक्कर देते हुए मार्केट में अपनी जगह बनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 12 महीनों (30 सितंबर तक) में Meesho भारत का सबसे बड़ा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म बनकर उभरा और इस पर सबसे ज्यादा ऑर्डर प्लेस हुए। वहीं इसका लॉजिस्टिक्स नेटवर्क वाल्मो (Valmo) के नाम से चलता है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹1,671.90 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था जो अगले वित्त वर्ष 2024 में फिसलकर ₹327.64 करोड़ पर आ गया लेकिन अगले ही वित्त वर्ष 2025 में घाटा ₹3,941.71 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम सालाना करीब 30% की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹9,900.90 करोड़ पर पहुंच गई। चालू वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो पहली छमाही अप्रैल-सितंबर 2025 में कंपनी को ₹700.72 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ था और ₹5,857.69 करोड़ की टोटल इनकम हासिल हो चुकी है। कंपनी पर पिछले कुछ वित्त वर्षों से फिलहाल कोई कर्ज नहीं है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।