Market view : ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच गिरावट पर खरीदारी और उछाल में बिकवाली का ट्रेंड बने रहने की उम्मीद – market view amid global uncertainties trend of buying on dips and selling on rises is expected to continue



Market insight : इस हफ़्ते मार्केट का माहौल उतार-चढ़ाव वाला रहा। बाजार सावधानी और उम्मीद के बीच झूलता रहा। बैंकिंग,फाइनेंशियल,पावर और कुछ FMCG शेयरों में आई ज़बरदस्त खरीदारी ने लगातार बनी ग्लोबल अनिश्चितताओं के असर को कम करने में मदद की। मजबूत एसेट क्वालिटी,स्थिर क्रेडिट ग्रोथ और अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर हो रही बातचीत में प्रगति के साफ संकेत ने घरेलू मैक्रो माहौल में भरोसा मज़बूत किया।

बैंकिंग और मेटल स्टॉक्स ने रिकवरी आगे बढ़ती दिखी है। जबकि, IT पीछे रहा। वोलैटिलिटी ज़्यादा रही,इंडिया VIX में तेज़ी आई। हालांकि,जियोपॉलिटिकल टेंशन अभी भी बना हुआ है। जापान से आए महंगाई के नरम डेटा ने ग्लोबल पॉलिसी में नरमी की उम्मीदों को बढ़ा दिया है। स्ट्रक्चर के हिसाब से,मार्केट अच्छा बना हुआ है। हालांकि ग्लोबल अनिश्चितताओं के बीच शॉर्ट टर्म मूव्स के न्यूज फ्लो ड्रिवेन रहने की संभावना है। ऐसे में गिरावट पर खरीदारी,तेज़ी पर बिकवाली का ट्रेंड बना रहेगा।

इसके विपरीत IT स्टॉक्स में नरमी बनी रही। AI की वजह से परंपरागत आईटी सर्विसेज को होने वाली दिक्कतों और इसके चलते आईटी कंपनियों के मार्जिन पर दबाव की चिंताओं ने इन्वेस्टर्स के भरोसे पर असर डाला। US और ईरान के बीच बढ़ते जियोपॉलिटिकल टेंशन,कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी और US फेड के रेट-कट ट्रैजेक्टरी को लेकर अनिश्चितता के कारण कुछ समय के लिए बड़े पैमाने पर बिकवाली हुई। इन चुनौतियों के बावजूद,लार्ज कैप्स में मज़बूती,चुनिंदा सेक्टरल फ्लो और पैक्स सिलिका में भारत की भागीदारी को लेकर बनी उम्मीद ने यह पक्का किया कि आगे स्थितियां अच्छी रहेंगी। इसके चलते मार्केट पॉज़िटिव रुख के साथ बंद हुआ।

अब मार्केट US और ईरान के बीच होने वाले डेवलपमेंट,कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल मॉनेटरी पॉलिसी पर मिलने वाले संकेतों पर करीब से नज़र रखेगा। हालांकि, बाजार में अगले कुछ दिन वोलैटिलिटी ज़्यादा रह सकती है, लेकिन मज़बूत घरेलू मैक्रो फंडामेंटल्स और सपोर्टिव डिमांड माहौल से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

अगले हफ़्ते भारत का GDP डेटा जारी होगा, जिसका अर्निंग की रफ़्तार और ब्रॉडर मार्केट की स्थिति पर असर पड़ेगा। ऐसे में सबकी नजरे इन आंकड़ों पर रहेंगी। कुल मिलाकर आगे मार्केट एक दायरे में ट्रेड कर सकता है। बाजार की शॉर्ट टर्म दिशा तय करने में लिक्विडिटी फ़्लो और ग्लोबल डेवलपमेंट अहम भूमिका निभाएंगे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के रिसर्च हेड विनोद नायर

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