
Market outlook 2026 : बाजार ने नए साल की शुरुआत पॉजिटिव नोट्स पर की है। उम्मीद है कि अब पिछले 18 महीने का अंडरपरफॉर्मेंस दूर होगा और बाजार ना सिर्फ नया हाई बनाएगा बल्कि रैली में मिड और स्मॉल कैप की भागीदारी भी बढ़ेगी। बजट,US के साथ पॉडिटिव ट्रेड डील,बैंकिंग रिफॉर्म,अच्छे नतीजों से बाजार की तेजी बढ़ सकती है। लिहाजा,इस बाजार में MF निवेशकों की क्या रणनीति होनी चाहिए, SIP बरकरार रखें या फिर उसे TOP UP करें? किन सेक्टर्स और थीम पर फोकस करना चाहिए? इन्हीं सब मुद्दों पर खास चर्चा के लिए सीएनबीसी-आवाज़ के साथ IKIGAI Asset Manager के फाउंडर और CIO पंकज टिबरेवाल जुड़े हैं जो कि देश के टॉप फंड मैनेजर्स में गिने जाते हैं। मिडकैप फंड मैनेज करने का इनके पास लंबा अनुभव रहा है। इनकी लीडरशिप में कोटक MF का AUM कई गुना बढ़ा था। अब पंकज टिबरेवाल खुद की कंपनी चलाते हैं।
पंकज टिबरेवाल की राय के पहले बाजार पर एक नजर डालें तो पता चलता है कि 2025 में निफ्टी ने 9.5 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, बैंक निफ्टी ने 16 फीसदी और निफ्टी मिडकैप ने 6 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप ने 6 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। 5 सालों से लगातार FIIs की बिकवाली का रिकॉर्ड बना है। FIIs की होल्डिंग अब रिकॉर्ड निचले स्तर पर है। 2024 में हुई 3.02 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली के मुकाबले 2025 में एफआईआई की तरफ से 3.06 लाख करोड़ रुपए की बिकवाली हुई है।
कमोडिटी मार्केट की बात करें तो 2025 में सोने ने 65 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, चांदी ने 150 फीसदी और कॉपर ने 40 फीसदी रिटर्न दिया है।
2026 के बड़े ट्रिगर
2026 के बड़े ट्रिगर की बात करें तो 1 फरवरी को देश का बजट आएगा। अप्रैल में पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में चुनाव का एलान होगा। 22–23 जुलाई के बीच ECB की बैठक होगी। रेट कट पर बाजार की नजर रहेगी। 14-16 अगस्त के बीच जैक्सन होल में सेंट्रल बैंकर्स की बैठक होगी।
FIIs पर पंकज टिबरेवाल
FIIs की बिकवाली को घरेलू निवेशकों ने संभाला है। साल 2025 में भारतीय मार्केट ने EM (इमर्जिंग मार्केट) को 27% अंडरपरफॉर्म किया है। EM के मुकाबले वैल्युएशन प्रीमियम 90% से घटकर 50% हो गया है। निफ्टी रिकॉर्ड ऊंचाई के करीब, लेकिन बाजार का ब्रेथ कमजोर है। FPI की पोजीशन अभी भी लाइट है। ज्यादातर इमर्जिंग मार्केट फंड भारत पर अंडरवेट हैं। सेंटिमेंट सुधरने पर इनफ्लो बढ़ सकता है।
भारत-US ट्रेड डील पर पंकज टिबरेवाल
US के साथ पॉजिटिव ट्रेड डील से सेंटिमेंट सुधर सकता है। लिस्टेड भारतीय कंपनियों का US में कम एक्सपोजर है। US के साथ ट्रेड डील से रुपए को भी सपोर्ट संभव है।
नतीजों पर पंकज टिबरेवाल
कंपनियों के नतीजों में सुधार की उम्मीद है। FY27 में 13-14% अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद है। बैंक, ऑटो, पावर में बेहतर ग्रोथ से EPS बढ़ेगा। बैंकों में सबसे ज्यादा अर्निंग्स ग्रोथ की उम्मीद है।
रुपए पर पंकज टिबरेवाल
रुपए का खराब दौर पीछे छूट गया है। अगले 6-12 महीने एक डॉलर का भाव 90 रुपए के करीब रहना संभव है। ऑयल खपत में गिरावट भारतीय इकोनॉमी के लिए बेहतर है।
कैपेक्स पर पंकज टिबरेवाल
प्राइवेट कंपनियों के कैपेक्स में बढ़ोतरी हुई है। इंडस्ट्रियल, ऑटो, मेटल, कंजम्प्शन स्पेस में कैपेक्स देखने को मिल रहा है। एनर्जी और हेल्थकेयर में भी कैपेक्स बढ़ा है।
मॉनेटरी पॉलिसी पर पंकज टिबरेवाल
आगे भी सपोर्टिव मॉनेटरी पॉलिसी संभव है। CY25 में दरों में RBI ने 125 bps की कटौती की है। RBI से और 25 bps रेट कट की उम्मीद है।
मिडकैप पर पंकज टिबरेवाल
मिडकैप के नतीजे लार्जकैप से बेहतर हो सकते हैं। FY26 और FY27 में मिडकैप से अच्छे नतीजों की उम्मीद है।
IPO मार्केट पर पंकज टिबरेवाल
प्राइमरी इक्विटी सप्लाई में तेजी से सेकेंडरी इक्विटी की चुनौती बढ़ी है। CY25 में CY24 से 33% ज्यादा IPO के लिए DRHP फाइल किए गए हैं। IPO मार्केट में तेजी का दौर जारी रह सकता है।
AI पर पंकज टिबरेवाल
US में AI बबल को लेकर आशंका है। भारतीय मार्केट पर AI बबल का असर संभव है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।