
Market outlook 2026 : क्लाइंट एसोसिएट्स के को-फ़ाउंडर रोहित सरीन को उम्मीद है कि 2026 में फाइनेंशियल और कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी सेक्टर इक्विटी मार्केट को लीड करेंगे। उन्होंने मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा, “ये सेक्टर बेहतर घरेलू मांग, क्रेडिट ग्रोथ के नॉर्मल होने और कंजम्पशन ट्रेंड्स में संभावित रिकवरी से फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।” उनके मुताबिक, 2026 में लार्ज-कैप IT स्टॉक्स की वैल्यू में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इनको डिमांड में मजबूती और ग्लोबल मैक्रो हालात बेहतर होने का फायदा मिलेगा।
2026 में निवेश के लिए लार्ज-कैप शेयर पसंद
रोहित सरीन को 2026 में निवेश के लिए लार्ज-कैप शेयर पसंद है। उनका कहना है कि लार्ज कैप शेयरों का वैल्यूएशन अभी मिड और स्मॉल-कैप शेयरों की तुलना में ज़्यादा बेहतर है। एब्सोल्यूट टर्म्स में भी, लार्ज-कैप वैल्यूएशन अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज की तुलना में रीज़नेबल लगते हैं, जिससे बेहतर रिस्क-रिवॉर्ड बैलेंस मिलता है। इसके अलावा ग्लोबल अनिश्चितता के इस दौर में लार्ज कैप कंपनियों की अर्निंग में सुधार की संभावना और मज़बूत बैलेंस शीट इनको बेहतर दांव बनाती हैं। पिछले कुछ सालों में वैल्यूएशन में जो अंतर आया है, उसे देखते हुए लार्ज कैप कंपनियां मार्केट लीडरशिप में किसी भी मीन रिवर्जन से फायदा उठाने के लिए बेहतर स्थिति में नजर आ रही हैं।
लार्ज-कैप IT पर ज्यादा भरोसा
लार्ज-कैप IT कंपनियां कॉम्पिटिटिव मैनेजमेंट टीमों द्वारा चलाई जाने वाली हाई-क्वालिटी कंपनियां हैं। इनका अलग-अलग मार्केट साइकिल में लॉन्ग-टर्म परफॉर्मेंस का एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड है। लंबे समय तक खराब परफॉर्मेंस के बावजूद, ये कंपनियां मज़बूत एग्जीक्यूशन क्षमता, क्लाइंट डाइवर्सिफिकेशन और बैलेंस शीट की मज़बूती दिखा रही हैं। उनके मुताबिक, 2026 में लार्ज-कैप IT स्टॉक्स की वैल्यू में फिर से बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। इनको डिमांड में मजबूती और ग्लोबल मैक्रो हालात बेहतर होने का फायदा मिलेगा। हालांकि रुपये की गिरावट से पूरे सेक्टरको फायदा मिल सकता है, लेकिन स्केल, कंसिस्टेंसी और साइकिल्स को प्रभावी ढंग से संभालने की क्षमता के कारण लार्ज-कैप आईटी ज्यादा भरोसेमंद दिख रहे हैं।
2026 में अच्छा रिटर्न मिलने की उम्मीद
2025 में भारतीय बाजारों में टाइम-करेक्शन होने और USD के मुकाबले INR के आकर्षक भाव पर होने के कारण ऐसा लगता है कि 2026 में मीन रिवर्जन देखने को मिलेगा। अगर 2026 की पहली दो तिमाहियों में घरेलू खपत बढ़ने के संकेत मिलते हैं तो इससे अर्निग्स में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी। ऐसी स्थितियों में,अगर ग्लोबल अस्थिरता बनी रहती है तो भी भारतीय बाज़ारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों से ज़्यादा निवेश आने की संभावना है। इससे बाज़ार साल के कुछ हिस्सों में एक सीमित दायरे में रह सकता है,जबकि पूरे साल में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
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