
Stock Market : 2 फरवरी को उतार-चढ़ाव भरे सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मज़बूत बढ़त के साथ बंद हुए हैं। निफ्टी 25,100 के करीब रहा। कारोबारी सत्र के अंत में सेंसेक्स 943.52 अंक या 1.17 प्रतिशत बढ़कर 81,666.46 पर और निफ्टी 262.95 अंक या 1.06 प्रतिशत बढ़कर 25,088.40 पर बंद हुआ। लगभग 1919 शेयरों में तेज़ी आई, 2166 शेयरों में गिरावट आई और 159 शेयर अपरिवर्तित रहे। निफ्टी पर सबसे ज़्यादा बढ़ने वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर, अदानी पोर्ट्स,पावर ग्रिड और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल थे। जबकि गिरने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, मैक्स हेल्थकेयर, सिप्ला, एक्सिस बैंक और इंफोसिस शामिल रहे।
सेक्टोरल मोर्चे पर FMCG, मेटल, ऑयल एंड गैस, एनर्जी, इंफ्रा, रियल्टी में 1-2% की तेज़ी आई, जबकि IT इंडेक्स में 0.5% की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1% की बढ़ोतरी हुई। जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.6% की बढ़त हुई।
कोटक सिक्योरिटीज के हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में एक अच्छी पुलबैक रैली देखने को मिली। निफ्टी 263 अंक ऊपर बंद हुआ। जबकि सेंसेक्स 944 अंक ऊपर रहा। टेक्निकली,सुबह इंट्राडे में गिरावट के बाद बाजार ने 24,700/80400 के पास सपोर्ट लिया और तेज़ी से ऊपर उछला। दिन के सबसे निचले स्तर से मार्केट 400/1300 अंक से ज़्यादा ऊपर चढ़ा। इसके अलावा इंट्राडे चार्ट पर इसने एक अच्छा रिवर्सल पैटर्न बनाया है। डेली चार्ट पर इसने एक बुलिश कैंडल बनाई है। ये मौजूदा स्तरों से और तेज़ी संभावना दिखाता है।
अब, 25,000/81500 और 24,900/81200 बुल्स के लिए तत्काल सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम करेंगे। इन स्तरों से ऊपर पुलबैक फॉर्मेशन जारी रहने की संभावना है। इस पुल बैक में मार्केट 25,250/82200 या 200-डे सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) तक जा सकता है। इससे आगे की तेज़ी मार्केट को 25,350/82500 की ओर भी ले जा सकती है। दूसरी ओर अगर मार्केट 24,900/81200 से नीचे गिरता है तो सेंटिमेंट बदल सकता है। इस स्तर से नीचे की गिराट में ट्रेडर्स अपनी लॉन्ग पोजीशन से बाहर निकलना पसंद कर सकते हैं।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है। कल के उतार-चढ़ाव वाले सेशन के बाद आज बाज़ार में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। कल बाजार में F&O पर STT बढ़ोतरी और FY27 के लिए सरकार की ज़्यादा उधारी योजना के असर के कारण बिकवाली हुई थी। साथ ही, बजट में ग्रोथ और फिस्कल डिस्प्लिन पर साफ ज़ोर देने वाली पॉलिसी के आगे बढ़ने से मीडियम से लॉन्ग टर्म अर्निंग आउटलुक में भरोसा बढ़ा है।
ग्लोबल बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ गिरावट से भी कुछ राहत मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव कम होने के संकेत से तेल की कीमतों में नरमी आई है। फिर भी शॉर्ट टर्म में बाज़ार का मूड सतर्क रहने की उम्मीद है।
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