
Stock market today : 13 जनवरी को भारतीय इक्विटी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए, निफ्टी 25,750 से नीचे रहा। कारोबार बंद होने पर, सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 83,627.69 पर और निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 25,732.30 पर बंद हुआ। लगभग 1870 शेयरों में तेज़ी आई, 1942 शेयरों में गिरावट आई और 158 शेयर अपरिवर्तित रहे।
निफ्टी पर सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में ट्रेंट, L&T, डॉ. रेड्डीज़ लैब्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज़ और इंटरग्लोब एविएशन शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में ONGC, टेक महिंद्रा, इटरनल, ICICI बैंक, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज़ शामिल रहे।
BSE मिडकैप इंडेक्स में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत की तेज़ी आई। सेक्टोरल मोर्चे पर, IT, मीडिया, PSU बैंक, मेटल हरे निशान में बंद हुए, जबकि FMCG, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, फार्मा, रियल्टी में 0.3-0.5 प्रतिशत की गिरावट आई।
बोनान्ज़ा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि कुल मिलाकर मार्केट का सेंटिमेंट कमज़ोर रहा,ज़्यादातर स्टॉक गिरे,जबकि कुछ डिफेंसिव स्टॉक में स्थिरता दिखी। मार्केट में इस उलटफेर का मुख्य कारण डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ बिज़नेस करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद नई ग्लोबल चिंताएं थीं। चूंकि चीन ईरान का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है, इसलिए निवेशकों को बड़े ट्रेड टेंशन का डर रहा। इस नेगेटिव ग्लोबल संकेत ने भारत-अमेरिका ट्रेड बातचीत को लेकर बनी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
IT कंपनियों के नतीजों ने भी मार्केट को निराश किया। TCS ने स्टेबल रेवेन्यू ग्रोथ की जानकारी दी। लेकिन इसका नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर लगभग 14% गिर गया,जो निवेशकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। HCL टेक्नोलॉजीज़ के प्रॉफिट में भी 11% की गिरावट आई। हालांकि इसकी रेवेन्यू ग्रोथ मज़बूत रही और ऑर्डर इनफ्लो भी अच्छा था। नतीजतन, IT शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा।
ग्लोबल रिस्क से बचने और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण रुपया डॉलर के मुकाबले थोड़ा कमज़ोर हुआ। आगे भारत-अमेरिका ट्रेड बातचीत आगे बढ़ने और घरेलू संस्थागत निवेशकों सेसपोर्ट मज़बूत रहने से मार्केट स्थिर हो सकते हैं। हालांकि, भू-राजनीतिक जोखिम और विदेशी निवेशकों की बिकवाली निकट भविष्य में बाजार को वोलेटाइल बनाए रख सकती है।
बाजार पर एक्सपर्ट्स की राय
LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा की राय है कि डेली चार्ट पर, निफ्टी बैंक इंडेक्स अपनी गिरती ट्रेंडलाइन सपोर्ट के साथ-साथ 20-डे और 50-डे के SMA से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बेहतर स्ट्रक्चर का संकेत है। आवरली RSI ने बुलिश क्रॉसओवर में एंट्री की है,जबकि डेली RSI को अभी इसकी पुष्टि करनी बाकी है, जो सावधानी भरी उम्मीद का संकेत है।
20-डे SMA अभी एक मजबूत सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहा है। बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 59,300 पर है, रेजिस्टेंस 59,800 पर है, जबकि पोजीशनल सपोर्ट 59,000 पर है। अगर इंडेक्स अगले 2-3 सेशन तक 20-डे SMA से ऊपर बना रहता है तो 60,200 की ओर बढ़ने की उम्मीद की जा सकती है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट आनंद जेम्स का कहना है कि रिट्रेसमेंट स्टडीज़ से पता चलता है कि निफ्टी के लिए 25,900 सबसे नज़दीकी रेजिस्टेंस है और अगर मोमेंटम बना रहता है तो यह 26,020 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि, अगर यह 25,775 से ऊपर टिक नहीं पाता है, तो यह 25,715–25,620 ज़ोन की तरफ गिर सकता है,लेकिन फिलहाल इसमें बड़ी गिरावट की संभावना कम है।
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