
Stock market : बुधवार, 7 जनवरी को मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच फ्रंटलाइन इंडेक्स, सेंसेक्स और निफ्टी लगातार तीसरे ट्रेडिंग सेशन में लाल निशान में बंद हुए हैं। सेंसेक्स 102 अंक या 0.12 फीसदी गिरकर 84,961.14 पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 38 अंक या 0.14 फीसदी गिरकर 26,140.75 पर सेटल हुआ है। मिड और स्मॉल-कैप इंडेक्स ने बेहतर प्रदर्शन किया। BSE मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.47 फीसदी और 0.12 फीसदी की बढ़त लेकर बंद हुए हैं।
निफ्टी पर टाइटन कंपनी,टेक महिंद्रा,HCL टेक्नोलॉजीज,विप्रो और जियो फाइनेंशियल आज के टॉप गेनर रहे। जबकि सिप्ला,मारुति सुजुकी,मैक्स हेल्थकेयर,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और पावर ग्रिड टॉप लूजर रहे। सेक्टोरल इंडेक्सों की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,IT और फार्मा में 0.5-1.8 फीसदी की बढ़त हुई। जबकि, ऑटो, ऑयल एंड गैस,रियल्टी और टेलीकॉम में 0.5 फीसदी की गिरावट आई।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड, सुदीप शाह का कहना है कि आगे चलकर, निफ्टी के लिए 25,950-25,900 के जोन में स्थित 50-डे EMA तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। 25,900 के लेवल से नीचे की कोई भी गिरावट इंडेक्स को और कमज़ोर करके 25,800 के लेवल तक ले जा सकती है, जिसके बाद 25,700 का लेवल भी आ सकता है। ऊपर की तरफ, 26,200-26,250 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा और 26,250 से ऊपर जाने पर इंडेक्स में तेज़ी जारी रह सकती है।
सुदीप शाह ने आगे कहा कि बैंक निफ्टी कमजोर खुला और 59,860–59,870 के लेवल के आसपास मजबूत सपोर्ट मिलने से पहले और नीचे फिसल गया। निचले लेवल से रिकवरी ने नुकसान की कुछ भरपाई की,लेकिन इंडेक्स दिन के हाई लेवल से ऊपर टिक नहीं पाया। दिन के हाई लेवल के आसपास फिर से बिकवाली का दबाव दिखा, जिससे बैंक निफ्टी 59,761 के इंट्राडे लो पर आ गया। इंडेक्स ने दूसरे हाफ में फिर से रिकवरी की कोशिश की, जिससे एक पतली बॉडी वाली कैंडल बनी, जिसका निचला शैडो काफी लंबा था। बैंक निफ्टी 0.21 फीसदी की गिरावट के साथ 59,991 पर बंद हुआ।
आगे बैंक निफ्टी के लिए, 59,600-59,500 के आसपास स्थित 20-डे EMA ज़ोन तत्काल सपोर्ट का काम करेगा। 59,500 के लेवल से नीचे की कोई भी गिरावट इंडेक्स को और नीचे 59,000 के लेवल तक ले जा सकती है। ऊपर की तरफ, 60,200-60,300 का ज़ोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम करेगा और 60,300 से ऊपर जाने पर इंडेक्स में तेजी जारी रह सकती है।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर ने कहा कि तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम जॉब डेटा से पहले घरेलू बाज़ार का सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है। इसके चलते रिस्क से बचने का माहौल है। हालांकि तिमाही आधार पर कॉर्पोरेट नतीजों में सुधार की उम्मीद है, लेकिन ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता के बीच FIIs रिस्क लेने से बच रहे हैं। ऑटो और फाइनेंशियल सेक्टर में प्रॉफिट-बुकिंग से निफ्टी पर दबाव पड़ा। हालांकि IT, फार्मा और मिड-कैप में चुनिंदा खरीदारी से कुछ सहारा भी मिला। ग्लोबल मुश्किलों को बढ़ाते हुए,चीन द्वारा रेयर अर्थ पर एक्सपोर्ट बैन से सप्लाई चेन का जोखिम बढ़ गया है। इस मैक्रो माहौल में, इक्विटी बाजार के रेंज-बाउंड रहने की संभावना है। लार्ज-कैप थीम पर फोकस करते हुए “गिरावट पर खरीदारी” की रणनीति बेहतर नजर आ रही है।
चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग के रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर का कहना है कि निकट भविष्य के लिए मार्केट सेंटिमेंट सतर्क बना हुआ है और अगले हफ्ते शुरू होने वाले नतीजों के सीज़न से पहले बाज़ार ट्रेड और जियोपॉलिटिकल डेवलपमेंट्स और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के प्रति संवेदनशील बने हुए हैं। इन मुद्दों पर होने वाले डेवलपमेंट्स ही बाजार की दिशा तय करेंगे।
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