
Market Outlook: कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन बाजार ऊपरी स्तर से फिसलकर बंद हुआ। सेंसेक्स 188 प्वाइंट चढ़ा तो निफ्टी 29 प्वाइंट की बढ़त हासिल करने में कामयाब रहा। मिडकैप, स्मॉलकैप इंडेक्स ऊपरी स्तर बिकवाली रही। ऐसे में बाजार की आगे की चाल पर बात करते हुए DSP MF के हेड पैसिव इन्वेस्टमेंट्स एंड प्रोडक्ट्स अनिल घेलानी (Anil Ghelani) ने कहा कि साल की शुरुआत से ही अनिश्चितता बढ़ी है। वॉर से लेकर ट्रेड और टैरिफ वॉर का असर देखने को मिला। ग्लोबल अनिश्चितता से कंपनियों की ग्रोथ पर असर देखने को मिला। बाजार में लंबी अवधि की स्ट्रैटेजी बनाएं। अच्छी कंपनियों में लॉन्ग टर्म मौके बन रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बाजार की नजर US से जुड़े ट्रेड फैसलों पर है। ट्रेड पर क्लैरिटी नहीं आएगी, अनिश्चितता बनी रहेगी। US-ईरान तनाव का असर भी बाजार पर पड़ा। भारत समेत कई देशों पर असर होगा। ट्रेड को लेकर क्लैरिटी आते ही हालात बेहतर होंगे। ग्लोबल अनिश्चितता से अर्निंग सीजन पर असर देखने को मिला।
इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि IT सेक्टर में अभी सेगमेंट थोड़े नेगेटिव है। कुछ IT कंपनियों में पॉजिटिव ट्रेंड दिख रहा है। ऑटो एंड ऑटो एंसिलरी स्पेस बेहतर करेंगे। वहीं कमोडिटी लिंक्ड कंपनियां में सतर्कता जरूरी है। कमोडिटी से जुड़ी कंपनियों में जोखिम ज्यादा रहा। कॉपर, एल्युमीनियम जैसे मेटल्स में सतर्क रहें।
गोल्ड-सिल्वर पर अपनी राय देते हुए उन्होंने कहा कि गोल्ड-सिल्वर में दो तरह की डिमांड होती है। पहली इंडस्ट्रियल और दूसरी इन्वेस्टमेंट डिमांड। अनिश्चितता बढ़े तो निवेश बढ़ता है। रिस्क और टेंशन में लोग गोल्ड-सिल्वर खरीदते हैं। अनिश्चितता रहेगी तब तक खरीदारी चलती रहेगी। अभी थोड़ा प्रॉफिट बुकिंग / ट्रिमिंग करना ठीक है। नए निवेशक एक साथ बड़ा निवेश करने से बचें। सिर्फ डाइवर्सिफिकेशन की तरह निवेश करें। धीरे-धीरे, सोच-समझकर एक्सपोजर लें।
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