Market cues : निफ्टी 50 बुल्स ने लगातार तीन दिनों तक अपना कंट्रोल बनाए रखा। 0.4 फीसदी की बढ़त के साथ 18 फरवरी को मंथली F&O एक्सपायरी वीक की अच्छी शुरुआत देखने को मिली। हायर हाई-हायर लो का बनना जारी रहने,गिरते इंडिया VIX,नीचे की ओर झुकी हुई रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के निर्णायक ब्रेकआउट और बेहतर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स से मार्केट के लिए पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। इसलिए, जब तक निफ्टी 25,750 से ऊपर रहता है,आने वाले सेशंस में 26,000 की ओर तेजी आने की उम्मीद कायम रहेगी। हालांकि, एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि निचले लेवल पर 25,650 (20-डे EMA) तत्काल सपोर्ट के तौर पर काम कर सकता है,इसके बाद 25,500 (20-डे DMA) अगले बड़े सपोर्ट के तौर पर काम करेगा।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 25,694, 25,651 और 25,581
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 25,834, 25,877 और 25,947
निफ्टी ने डेली टाइमफ्रेम पर लॉन्ग लोअर शैडो के साथ एक बुलिश कैंडल बनाई और गिरते रेजिस्टेंस ट्रेंडलाइन के ऊपर बंद हुआ,जो निचले लेवल पर खरीदारी आने के साथ एक पॉजिटिव ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स ने शॉर्ट-टर्म और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेज को टेस्ट किया,लेकिन क्लोजिंग के समय यह सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर रहा। RSI बढ़कर 53.91 हो गया,जबकि MACD हिस्टोग्राम में मजबूती के साथ रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। ये सभी इंडिकेटर मजबूत होते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 61,606, 61,723 और 61,912
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 61,227, 61,110 और 60,920
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 62,077, 64,731
फिबोनाची रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 60695, 60142
बैंक निफ्टी ने भी एक बुलिश कैंडल बनाई,जो अपने हायर हाई-हायर लो फॉर्मेशन को जारी रखते हुए एक नए क्लोजिंग हाई पर और साथ ही ऊपरी बोलिंगर बैंड्स के पास खत्म हुई। यह एक हेल्दी ट्रेंड का संकेत है। इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज (20, 50, 100 और 200-डे EMAs) से ऊपर रहा,जो ऊपर की ओर भी ट्रेंड कर रहे थे। RSI 64.86 पर मजबूत बना रहा और स्टोकेस्टिक RSI बुलिश हो गया। जबकि MACD सिग्नल लाइन और ज़ीरो लाइन से काफी ऊपर रहा। हिस्टोग्राम में और तेजी दिखी। ये सभी इंडिकेटर लगातार बने बुलिश मोमेंटम का संकेत हैं।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

निफ्टी पुट-कॉल रेशियो
मार्केट का मूड बताने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेश्यो (PCR) 18 फरवरी को बढ़कर 1.22 (2 जनवरी के बाद का सबसे ऊंचा क्लोजिंग लेवल) हो गया, जबकि पिछले सेशन में यह 1.12 था। PCR का बढ़ना या 0.7 से ज़्यादा होना या 1 को पार करने का मतलब होता है कि ट्रेडर कॉल ऑप्शन के मुकाबले पुट ऑप्शन ज़्यादा बेच रहे हैं,जो आम तौर पर मार्केट में बुलिश सेंटिमेंट के मज़बूत होने का इशारा करता है। अगर रेश्यो 0.7 से नीचे चला जाता है या 0.5 की तरफ़ बढ़ता है तो यह बताता है कि कॉल में बिकवाली,पुट में बिकवाली से ज़्यादा है,जो मार्केट में बेयरिश मूड दिखाता है।
वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में कल के सेशन में गिरावट दिखी। यह 3.55 परसेंट गिरकर 12.22 पर आ गया और 10, 20 और 200 डे के EMA से नीचे रहा,जो बुल्स के लिए राहत का संकेत है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सेल और सम्मान कैपिटल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
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