
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर में 6 फरवरी को दिन में 8 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। BSE पर कीमत 907.50 रुपये के हाई तक गई। कंपनी के अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे जारी होने के बाद शेयर में खरीद बढ़ी है। एक दिन पहले कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया था कि दिसंबर 2025 तिमाही में उसका शुद्ध कंसोलिडेटेड मुनाफा सालाना आधार पर 17.4 प्रतिशत बढ़कर 12930.44 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 11008.65 करोड़ रुपये था। इस बीच नेट प्रीमियम इनकम भी एक साल पहले से 17.4 प्रतिशत बढ़कर 125988.15 करोड़ रुपये हो गई। दिसंबर 2024 तिमाही में यह 107302.30 करोड़ रुपये थी।
कुल आय भी दिसंबर 2025 तिमाही में बढ़कर 2,33,984 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 2,01,994 करोड़ रुपये थी। LIC का नए कारोबार से प्रीमियम चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में 10,605 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 7,285 करोड़ रुपये था।
LIC का शेयर 3 साल में 40 प्रतिशत चढ़ा
LIC में दिसंबर 2025 के आखिर तक सरकार के पास 96.50 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। कंपनी का मार्केट कैप 5.71 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर 3 साल में 50 प्रतिशत चढ़ा है। शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 980.05 रुपये और एडजस्टेड लो 715.35 रुपये है।
सरकार अपनी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक करेगी कम
LIC के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर आर. दोरईस्वामी का कहना है कि सरकार वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक चरणबद्ध तरीके से कंपनी में अपनी हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। हिस्सेदारी कम करने का समय सरकार कई फैक्टर्स को ध्यान में रखकर तय करेगी। हिस्सेदारी की बिक्री OFS (Offer for Sale) या क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) के जरिए की जाएगी या नहीं, यह फैसला सरकार को लेना है।
सरकार को मई, 2027 तक अनिवार्य 10 प्रतिशत पब्लिक शेयरहोल्डिंग रिक्वायरमेंट को पूरा करने के लिए LIC में और 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचनी होगी। LIC एक स्वतंत्र हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रही है, लेकिन वह इस प्रस्ताव पर अभी जल्दबाजी में नहीं है।