
LIC OFS : LIC का ऑफर फॉर सेल (OFS) टल गया है। सूत्रों के मुताबिक अब LIC का OFS अगले वित्त वर्ष में आ सकता है। इस पर एक्सक्लूसिव जानकारी के साथ सीएनबीसी-आवाज़ के सहयोगी यश जैन ने बताया कि सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक बेहतर इंवेस्टर डिमांड के लिए LIC का OFS टाला गया है। सरकार इस ऑफर फॉर सेल के लिए ज्यादा बेहतर इंवेस्टर डिमांड चाहती है। अब अगले वित्त वर्ष में ही LIC का OFS संभव है। पहले सरकार की 26 जनवरी को OFS लाने की योजना थी। सरकार OFS के लिए बैंकर्स की नियुक्ति और रोडशो कर चुकी थी।
OFS के जरिए सरकार की LIC में 2.5-3 फीसदी हिस्सा बेचने की योजना थी। अभी LIC में सरकार की 96.5 फीसदी हिस्सेदारी है। मई 2027 तक LIC को पब्लिक शेयर होल्डिंग बढ़ाना है। कंपनी में पब्लिक शेयर होल्डिंग मौजूदा 3.5 फीसदी से बढ़ाकर 10% करने की योजना है। SEBI ने इस OFS के लिए 16 मई 2027 तक का समय दिया है।
सूत्रों के मुताबिक LIC चाहती है कि बाजार में उसकी हिस्सेदारी बेचने के लिए निवेशकों की ओर से अच्छी डिमांड हो। अभी बाजार की स्थिति खराब है। ऐसे में अगर OFS लाया जाता है तो उसके अच्छे भाव मिलने की संभावना नहीं है। इसी वजह से कंपनी ने फैसला लिया है कि बाजार माहौल और निवेशक रुचि को देखते हुए OFS को आगे के लिए टाला जाए।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस समय सरकार की बड़ी प्राथमिकता IDBI Bank के विनिवेश की है। सरकार चाहती है कि पहले IDBI Bank का विनिवेश पूरा हो जाए,क्योंकि इस डील का असर सीधे बाजार सेंटिमेंट और बैंकिंग सेक्टर के वैल्यूएशन पर पड़ेगा। सरकार का मानना है कि जब IDBI Bank की हिस्सेदारी बिकेगी, तब बाजार में जो पॉजिटिव माहौल बनेगा, उसका फायदा LIC के OFS को भी मिलेगा।