
Lenskart Share Price: चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में लेंसकार्ट सॉल्यूशंस का शुद्ध मुनाफा 71 गुना से अधिक बढ़ गया। सिर्फ यही नहीं ऑपरेटिंग लेवल पर लेंसकार्ट का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी इस दौरान उछलकर दोगुना से अधिक हो गया। इस धमाकेदार नतीजे पर जेफरीज फिदा हो गया और टारगेट प्राइस ही बढ़ा दिया। शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले कंपनी ने इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद नतीजे पेश किए थे। बीएसई पर यह 1.84% की गिरावट के साथ ₹466.35 के भाव पर बंद हुआ था। ओवरऑल बात करें तो इसे कवर करने वाले 11 एनालिस्ट्स में से नौ ने इसे खरीदारी, दो ने होल्ड और एक ने सेल रेटिंग दी है।
Lenskart के लिए कैसी रही दिसंबर तिमाही?
दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर लेंसकार्ट सॉल्यूशंस का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹1.85 से उछलकर ₹132.7 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू भी 38.3% उछलकर ₹2,307.7 करोड़ पर पहुंच गया। ऑपरेटिंग लेवल पर बात करें तो कंपनी का ईबीआईटीडीए यानी ऑपरेटिंग प्रॉफिट इस दौरान 118.9% बढ़कर ₹464.1 करोड़ पर पहुंच गया तो ऑपरेटिंग मार्जिन 20.1% बढ़कर 12.7% पर पहुंच गया।
कंपनी के भारतीय कारोबार की बात करें तो रेवेन्यू 36.8% बढ़कर ₹1,385.2 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटी 234.3% बढ़कर ₹160.8 करोड़ और मार्जिन 4.7% से 11.6% पर पहुंच गया। वहीं कंपनी का इंटरनेशनल रेवेन्यू दिसंबर 2025 तिमाही में सालाना आधार पर 39.9% उछलकर ₹935.9 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटी ₹42.4 करोड़ के घाटे से ₹32.5 करोड़ के गेन में पहुंच गया और मार्जिन 3.5% रहा। भारतीय बिजनेस में SSSG (सेम स्टोर सेल्स ग्रोथ) 27.8% रही तो सेम पिन-कोड सेल्स ग्रोथ 35.8% रही।
Jefferies ने क्यों बढ़ाया टारगेट प्राइस?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने लेंसकार्ट को खरीदारी की रेटिंग दी है और साथ ही टारगेट प्राइस को ₹520 से बढ़ाकर ₹575 कर दिया है। जेफरीज का कहना है कि देशी-विदेशी बाजारों में मजबूत ग्रोथ और मार्जिन में विस्तार के चलते इसके लिए दिसंबर तिमाही धमाकेदार रही। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि मैनेजमेंट की कमेंट्री तो अधिक प्रभावशली रही क्योंकि इसमें शॉर्ट टर्म में मार्जिन बढ़ाने की बजाय लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर स्पष्ट तरीके से फोकस रहा। जेफरीज ने एडजस्टेड ऑपरेटिंग प्रॉफिट के अनुमान में 6-9% की बढ़ोतरी कर दी है।
अब तक कैसी रही शेयरों की चाल?
लेंसकार्ट सॉल्यूशंस के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में पिछले साल 10 नवंबर 2025 को एंट्री हुई थी। इसके ₹7278 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को ₹402 के भाव पर शेयर जारी हुए थे। आईपीओ को तगड़े सब्सक्रिप्शन के बाद लिस्टिंग के दिन इसने शॉक दिया और करीब 3% डिस्काउंट पर शेयरों की एंट्री हुई। लिस्टिंग के दिन बीएसई पर यह ₹355.70 तक टूट गया था यानी कि आईपीओ निवेशक 11.52% घाटे में चल गए थे। हालांकि फिर धीरे-धीरे शेयरों ने रिकवरी की और एक ही महीने में इस रिकॉर्ड निचले स्तर से यह 39.16% चढ़कर 22 दिसंबर 2025 को ₹495.00 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया।
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