Lemon Tree Hotels का धमाकेदार ऐलान, हाहाकारी मार्केट में भी 4% उछल पड़े शेयर – lemon tree hotels share price jumps over 4 percent as warburg pincus buys into fleur what should investors do check target price



Lemon Tree Hotels Shares: लेमन ट्री होटल्स ने एक अहम रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का ऐलान किया तो इसके शेयरों की खरीदारी बढ़ गई और आज के हाहाकारी मार्केट में यह 4% से अधिक उछल गए। एक तरफ अमेरिकी फेड के चेयरमैन के खिलाफ जांच शुरू होने और अमेरिकी टैरिफ को लेकर अनिश्चितता के चलते घरेलू मार्केट में बिकवाली का माहौल है तो दूसरी तरफ लेमन ट्री होटल्स के शेयर इस कमजोर मार्केट में भी रॉकेट बन गए। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा तो उठाया जिससे भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.41% की गिरावट के साथ ₹154.80 (Lemon Tree Hotels Share Price) पर है। इंट्रा-डे में यह 4.14% उछलकर ₹155.90 तक पहुंच गया था।

Lemon Tree Hotels के किस ऐलान पर चहके शेयर?

लेमन ट्री होटल्स ने वैल्यू अनलॉकिंग और फंड रेजिंग को लेकर एक अहम रीस्ट्रक्चरिंग प्लान का ऐलान किया है। इस योजना के तहत दो अलग-अलग एंटिटीज तैयार होंगी और वारबर्ग पिनकस कंपनी में एक रणनीतिक निवेशक के तौर पर सामने आएगी। कंपनी के प्रस्तावित रीऑर्गेनाइजेशन के तहत लेमन ट्री होटल्स एक प्योर-प्ले, एसेट-लाइट होटल मैनेजमेंट और ब्रांड प्लेटफॉर्म बनेगी तो साथ ही एक नई एंटिटी फ्लेयर होटल्स भी बनेगी जिसके पास ग्रुप की सभी होटल ओनरशिप एसेट्स होगी। अभी लेमन ट्री होटल्स की फ्लेउर में 58.91% हिस्सेदारी है और एपीजी की 41.09% और एपीजी की इस पूरी होल्डिंग को वारबर्ग खरीदने वाली है। सिर्फ यही नहीं फ्लेउर होटल्स में वारबर्ग किश्तों में ₹960 करोड़ का निवेश करेगी।

योजना के तहत लेमन ट्री होटल्स दो सब्सिडरीज को अपने में मिलाएगी और चार अन्य सब्सिडरीज को फ्लेउर होटल्स में लेमन ट्री होटल्स को जारी किए गए शेयरों के बदले में मिलाएगी। कंपनी 12 होटल भी फ्लेउर होटल्स को देगी, जिसके शेयर सीधे लेमन ट्री के शेयरहोल्डर्स को जारी किए जाएंगे। योजना के मुताबिक शेयरहोल्डर्स को लेमन ट्री होटल्स के हर 311 शेयरों पर फ्लेउर होटल्स के 20 शेयर मिलेंगे। शेयरों के इस आदान-प्रदान के बाद लेमन ट्री के शेयरहोल्डर्स की फ्लेउर होटल्स में 32.96% हिस्सेदारी होगी और लेमन ट्री की खुद इसमें 41.03% और वारबर्ग पिनकस की 26.01% हिस्सेदारी होगी।

रीस्ट्रक्चरिंग के बाद फ्लेउर होटल्स के पास 5,813 कमरों वाले 41 होटल होंगे, जबकि अभी इसके पास 3,993 कमरों वाले 24 होटल हैं। दूसरी तरफ लेमन ट्री होटल्स 6,011 कमरों वाले 89 होटलों को मैनेज करेगी, जिनमें से सभी का स्वामित्व या तो फ्लेउर होटल्स के पास होगा या किसी थर्ड पार्टी के पास। वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के आधार पर वित्तीय स्थिति की बात करें तो लेमन ट्री होटल्स से 70% से अधिक मार्जिन के साथ ₹171 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। फ्लेउर होटल्स से करीब 43% मार्जिन के साथ ₹1,189 करोड़ का रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। कंपनी का कहना है कि 12-15 महीने में फ्लेउर होटल्स अगल कंपनी के तौर पर लिस्ट हो जाएगीी।

क्या कहना है ब्रोकरेजेज फर्मों का?

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने लेमन ट्री होटल्स की ₹178 के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपोजिट रीऑर्गेनाइजेशन से कंपनी का बिजनेस दो हिस्से- एसेट लाइट फी प्लेटफॉर्म और एसेट हैवी ओनरशिप प्लेटफॉर्म में बंट जाएगा। इस रीऑर्गेनाइजेशन के तहत फ्लेउर होटल्स के जरिए ग्रुप में फिर से वारबर्ग पिनकस की एंट्री होगी। नुवामा का मानना है कि वारबर्ग पिनकस की ग्रुप में फिर से एंट्री आने वाले समय में बड़े पैमाने के कैपिटल एक्सपेंडिचर से जुड़े रिस्क को कम करेगी।

एक और ब्रोकरेज फर्म इंवेस्टेक ने इसे ₹187 के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि लंबे समय से फ्लेउर के डीमर्जर का इंतजार हो रहा था और अब जब यह होने जा रही है तो इससे लेमन ट्री के हाई ग्रोथ, हाई RoCE, हाई मार्जिन एसेट-लाइट बिजनेस की वैल्यू अनलॉक होगी। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वारबर्ग की एपीजी की हिस्सेदारी खरीदने और ₹960 करोड़ के शुरुआती निवेश को लेकर प्रतिबद्धता से फ्लेउर के आगे की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा।

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