
Kaynes Tech Share Price: इंटीग्रेटेड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी कीन्स टेक्नोलॉजी के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 7% से अधिक टूट गया। कंपनी ने पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए रेवेन्यू के अनुमान में कटौती की तो शेयर धड़ाम हो गए। इसे ₹4400 करोड़ से कम करके ₹4100 करोड़ किया तो निवेशकों के बीच इसके शेयरों को बेचने की होड़ मच गई। बिकवाली का दबाव इतना तेज रहा कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद भी शेयर अधिक संभल नहीं पाए। फिलहाल बीएसई पर यह 2.66% की गिरावट के साथ ₹3518.10 पर है। इंट्रा-डे में यह 7.59% टूटकर ₹3340.00 तक आ गया था।
Kaynes Technology के रेवेन्यू गाइडेंस में क्यों हुई कटौती?
सीएनबीसी-टीवी18 के साथ बातचीत में कीन्स टेक्नोलॉजी के सीएफओ जयराम संपत ने कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2026 के लिए रेवेन्यू के अनुमान को ₹4400 करोड़ से घटाकर ₹4100 कर दिया गया है। हालांकि ऑरेटिंग मार्जिन के गाइडेंस को 16% पर बरकरार रखा गया है। कंपनी ने गाइडेंस में जो कटौती की है, वह दिसंबर 2025 तिमाही में सभी मोर्चे पर उम्मीद से कमजोर परफॉरमेंस के बाद हुई है। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2028 में $100 करोड़ के सेल्स टारगेट को बरकरार रखा है। उन्होंने आगे कहा कि कंपनी स्टैंडएलोन बेसिस पर ऑपरेटिंग कैश फ्लो पॉजिटिव होने की कगार पर है और वित्त वर्ष के आखिरी तक कंसालिडेटेड बेसिस पर कैश फ्लो पॉजिटिव हो जाएगा।
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी को ₹804 करोड़ का रेवेन्यू हासिल हुआ जोकि मैनेजमेंट के ₹1300 करोड़ के अनुमान से काफी कम रहा लेकिन मार्जिन सालाना आधार पर बढ़ा है। अब मार्च 2026 तिमाही में कंपनी को ₹1700 करोड़ के रेवेन्यू का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती नौ महीने में यह ₹4400 करोड़ के अनुमान के मुकाबले इसका महज 54% ही यानी ₹2384 करोड़ का रेवेन्यू हासिल कर पाई। हालांकि तिमाही आधार पर कंपनी का ऑर्डर बुक 12% बढ़कर ₹9,072 करोड़ पर पहुंच गया। दिसंबर तिमाही में कंपनी के ऑटोमोटिव बिजनेस में ग्रोथ रही जोकि 44% बढ़ा जबकि इंडस्ट्रियल बिजनेस 4% तो रेलवे बिजनेस 18% फिसल गया।
क्या कहना है ब्रोकरेज फर्म का?
वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेपीमॉर्गन ने कीन्स टेक की ओवरवेट रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹6100 पर फिक्स किया है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि अर्निंग कॉल में दो अहम चीजों पर नजर रहेगी- रेवेन्यू गाइडेंस में संभावित कटौती और नेट वर्किंग कैपिटल डेज को कम करने के लिए रिसीवेबल्स पर छूट देने की प्रक्रिया पर अपडेट। दिसंबर तिमाही में कंपनी का नेट वर्किंग कैपिटल डेट वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 116 दिनों से बढ़कर 139 दिनों पर पहुंच गया।
एक और ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने इसकी खरीदारी की रेटिंग को बरकरार रखा है और टारगेट प्राइस ₹5940 पर फिक्स किया है। हालांकि कंपनी ने सभी मोर्चे पर इसके उम्मीद से कमजोर नतीजे के साथ-साथ नेट वर्किंग कैपिटल और नेट कर्ज में उछाल का भी जिक्र किया है। ओवरऑल बात करें तो इसे कवर करने वाले 26 एनालिस्ट्स में से 18 ने खरीदारी, 8 ने होल्ड और चार ने सेल रेटिंग दी है।
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