
रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स का नेट प्रॉफिट इस वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में साल दर साल आधार पर 11.2 फीसदी बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी का प्रॉफिट 6,861 करोड़ रुपये था। दिसंबर तिमाही में ऑपरेशंस से कंपनी का रेवेन्यू 12.7 फीसदी बढ़कर 37,262 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 33,074 करोड़ रुपये था।
दिसंबर तिमाही में एआरपीयू 213.7 रुपये
FY26 की दिसंबर तिमाही में Jio Platforms का EBITDA 16.4 फीसदी बढ़कर 19,303 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 16,585 करोड़ रुपये था। इसमें कंपनी की अच्छी रेवेन्यू ग्रोथ का हाथ है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (एआरपीयू) 213.7 करोड़ रुपये रहा।
सब्सक्राइबर्स बेस 51.5 करोड़ के पार
जियो के 5जी सब्सक्राइबर्स की संख्या 25.3 करोड़ पार कर गई। फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्कक्राइबर्स की संख्या 2.5 करोड़ से ज्यादा हो गई। जियो एयरफाइबर 1 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स वाली दुनिया की पहली FWA सर्विस बन गई। 31 दिसंबर को जियो का सब्सक्राइबर्स बेस 51.5 करोड़ था।
देश में डिजिटल क्रांति में जियो की बड़ी भूमिका
कंपनी के कुल वायरलेस ट्रैफिक में 5जी की हिस्सेदारी 53 फीसदी हो गई है। इसमें कस्टमर एंगेजमेंट में लगातार इजाफा का हाथ है। रिलायंस जियो इंफोकॉम के चेयरमैन आकाश एम अंबानी ने कहा, “जियो का इंडिया की डिजिटल क्रांति में बड़ी भूमिका रही है। कंपनी ने भारतीय यूजर्स को दुनिया की बेस्ट टेक्नोलॉजी ऑफर किया है।”
कंपनी हर व्यक्ति तक एआई का फायदा पहुंचाना चाहती है
उन्होंने कहा कि जियो का 50 करोड़ से ज्यादा सब्सक्राइबर्स बेस और देशभर में व्यापक डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क रिलायंस इंटेलिजेंस को अपना लक्ष्य हासिल करने में मदद करेंगे। कंपनी ने भारत को सिर्फ एआई के मामले में सक्षम नहीं बनाना चाहती है बल्कि वह एआई-इम्पावर्ड बनाना चाहती है, जिससे हर नाारिक और एंटरप्राइज एआई टूल का इस्तेमाल क्रिएट, इनोवेट और ग्रोथ के लिए कर सकता है। इससे आने वाले सालों में सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए वैल्यू क्रिएशन के मौके बनेंगे।