
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (जेएफएसएल) ने 15 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का कंसॉलिडेटेड प्रॉफिट 269 करोड़ रुपये रहा। कंपनी की टोटल इनकम एक साल पहले के मुकाबले दोगुनी हो गई। इसमें कोर बिजनेस की अच्छी ग्रोथ का हाथ रहा।
Jio Financial Services Ltd (JFSL) की कंसॉलिडेटेड इनकम दिसंबर तिमाही में एक साल पहले के मुकाबले दोगुनी यानी 901 करोड़ रुपये रही। इसमें लेंडिंग, पेमेंट्स, एसेट मैनेजमेंट और दूसरी फीस-आधारित बिजनेस के बेहतर प्रदर्शन का हाथ रहा। प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट 7 फीसदी बढ़कर 354 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने कहा है कि कई बिजनेसेज के विस्तार के लिए खर्च बढ़ाना पड़ा, जिसका असर इनकम की ग्रोथ पर पड़ा।
दिसंबर तिमाही के नतीजों में सबसे खास बात कंपनी की इनकम में ऑपरेटिंग बिजनेसेज की बढ़ती हिस्सेदारी रही। दिसंबर तिमाही में कंपनी के कंसॉलिडेटेड नेट इनकम में कोर बिजनेस की इनकम की हिस्सेदारी 55 फीसदी रही। यह साल दर साल आधार पर 20 फीसदी की ग्रोथ है।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज की लोन देने वाली इकाई (lending arm) की ग्रोथ तेज बनी रही। एनबीएफसी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) साल दर साल आधार पर 4.5 गुना बढ़ा, जबकि तिमाही दर तिमाही आधार पर यह 29 फीसदी बढ़कर 19,049 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। दिसंबर तिमाही में ग्रॉस डिस्बर्समेंट 8,615 करोड़ रुपये रहा। लेंडिंग बिजनेस से नेट इंटरेस्ट इनकम साल दर साल आधार पर 166 फीसदी बढ़कर 165 करोड़ रुपये पहुंच गया। प्री-प्रोविजनिंग ऑपरेटिंग प्रॉफिट 130 फीसदी बढ़कर 99 करोड़ रुपये हो गया।
जियो पेमेंट सॉल्यूशंस का ट्रांजेक्शन प्रोसेसिंग वॉल्यूम साल दर साल आधार पर 2.6 गुना यानी 16,315 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस फीस और कमीशन इनकम 4.6 गुना उछलकर 96 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी यूनिट लेवल ग्रॉस मार्जिन करीब 10 बेसिस प्वाइंट्स बनाए रखा है। जियो पेमेंट्स बैंक में टोटल इनकम 10 गुना उछलकर 61 करोड़ रुपये हो गया। 31 दिसंबर, 2025 को डिपॉजिट 507 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 94 फीसदी ज्यादा है। कस्टमर्स बेस बढ़कर 32 लाख हो गया।
जियो-ब्लैकरॉक ज्वाइंट वेंचर के जरिए कंपनी के एसेट मैंनजमेंट बिजनेस का एयूएम 14,972 करोड़ रुपये हो गया। इसमें 10 फंडों की हिस्सेदारी रही। इस बिजनेस का रिटेल इनवेस्टर बेस 10 लाख पहुंच गया। कंपनी ने कहा है कि निवेश का बड़ा हिस्सा 30 टॉप शहरों से बाहर के शहरों से आया है। पहली बार निवेश करने वाले म्यूचुअल फंड्स निवेशकों की संख्या बढ़ी है।