Jindal Saw Shares: एपीआई लाइसेंस रद्द होने पर घबराए निवेशक, फटाक से 4% टूटे शेयर – jindal saw share price declines over 4 percent after api suspends licence over compliance gaps



Jindal Saw Shares: एक कारोबारी दिन पहले इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद जिंदल शॉ ने एक्सचेंज फाइलिंग में ऐसी जानकारी दी कि निवेशक हिल गए। कंपनी ने जानकारी दी कि सीमलेस पाइप से जुड़ा इसका एपीआई लाइसेंस रद्द हो गया है तो आज मार्केट खुलने पर इसके शेयरों धड़ाम हो गए। अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट (API) की जांच के दौरान कुछ खामियां मिली तो इसका यह लाइसेंस सस्पेंड कर दिया। इसके चलते शेयर धड़ाम हो गए और इंट्रा-डे में बीएसई पर 4.36% फिसलकर ₹178.80 तक आ गए। निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और फिलहाल 3.34% की फिसलन के साथ ₹180.70 पर है। अभी इसका मौजूदा लाइसेंस 6 अप्रैल, 2026 तक वैध है।

Jindal Saw का लाइसेंस क्यों हुआ कैंसल?

जिंदल शॉ ने बुधवार को जानकारी दी कि एपीआई ऑडिट के दौरान कुछ नॉन-कंफर्मेंसेज (NCs) की पहचान हुई जिसके चलते सस्पेंशन लेटर जारी हुआ। इसके चलते अब कंपनी अपने एपीआई सीमलेस पाइप पर एपीआई मोनोग्राम नहीं लगा सकेगी और यह प्रतिबंध तब तक रहेगा, जब तक मामले का निपटारा नहीं हो जाता है। नॉन-कंफर्मेंसेज का मतलब मानकों से दूरी है यानी कि किसी प्रोडक्ट्स, सर्विसेज या प्रक्रिया को लेकर जो मानक बनाए गए हैं, उसका पालन नहीं हो रहा है।

मोनोग्राम से यह पता चलता है कि प्रोडक्ट तेल और गैस की इंडस्ट्री से जुड़े वैश्विक मानकों जैसे कि लाइन पाइप्स के लिए एपीआई 5एल जैसी खासियतों के अनुरूप है। इसके अलावा यह कंपनी की QMS (क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम) को भी प्रमाणित करती है और एपीआई स्पेशिफिकेशन क्यू1 के साथ-साथ एप्लीकेबल प्रोडक्ट स्पेशिफिकेशंस का अनुपालन सुनिश्चित करता है जोकि गुणवत्ता का एक प्रमुख चिन्ह है।

अब इस पर रोक लगी है तो तेल और गैस ग्राहकों से होने वाली बिक्री प्रभावित हो सकती है जिनके लिए एपीआई-सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स अनिवार्य है। जिंदल शॉ ने संकेत दिया है कि इससे वित्तीय सेहत पर खास असर तो नहीं पड़ना चाहिए। कंपनी का कहना है कि सीमलेस पाइपों की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी में कोई बदलाव नहीं होगा और रोक हटने तक उसे अन्य प्रोडक्ट्स के लिए दे दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि एपीआई के साथ इस मामले को लेकर बातचीत चल रही है और सुधार के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

एक साल में कैसी रही शेयरों की हालत?

जिंदल शॉ तेल और गैस, पानी और इंडस्ट्रीज के इस्तेमाल के लिए लोहे और स्टील के पाइप, पैलेट्स बनाती है। इसके शेयरों की बात करें तो पिछले साल 20 मार्च 2025 को ₹286.50 पर थे जो इसके लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई है। इस हाई से यह नौ ही महीने में 46.53% फिसलकर 9 दिसंबर 2025 को ₹153.20 पर आ गया जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।



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